‘संविधान सर्वोच्च’: सुप्रीम कोर्ट ने CJI सूर्यकांत के खिलाफ पोस्ट को लेकर केरल कांग्रेस को अवमानना नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पदाधिकारियों को पिछले महीने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को टारगेट करने वाले एक पोस्ट के संबंध में कंटेम्प्ट नोटिस जारी किया.

न्यायपालिका की आज़ादी राजनीतिक सुविधा का मामला नहीं है- कोर्ट

इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और विपुल एम पंचोली की बेंच ने की. कोर्ट को संबोधित करते हुए बेंच ने कहा कि संविधान सबसे ऊपर है और कोई भी राजनीतिक संगठन या संस्था इससे ऊपर नहीं है.
बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट के आदेश में लिखा था, “संविधान सबसे ऊपर है. कोई भी व्यक्ति, कोई भी संस्था या राजनीतिक संगठन इससे ऊपर नहीं है. न्यायपालिका की आज़ादी राजनीतिक सुविधा का मामला नहीं है. यह एक संवैधानिक गारंटी है जो रिपब्लिक को, इस रिपब्लिक के लोगों को दी गई है.”
टॉप कोर्ट ने यह भी कहा कि “कोर्ट के अधिकार को कमज़ोर करने की किसी भी कोशिश से सख्ती से निपटा जाना चाहिए.”

एक सीनियर वकील को एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का फैसला लिया

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने इस मामले में एक सीनियर वकील को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है ताकि यह जांचा जा सके कि इस मामले में क्रिमिनल या सिविल कंटेम्प्ट लागू होगा या नहीं और इस मामले में अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी से मदद मांगी है.
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश KPCC के एक पोस्ट के बाद आया है, जिसमें CJI सूर्यकांत को टारगेट किया गया था. यह पोस्ट राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की ज़्यादतियों की जांच की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान की गई एक टिप्पणी पर की गई थी.
इस विवादित पोस्ट के बाद, सुप्रीम कोर्ट के दो बार एसोसिएशन – सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCOARA) – ने CJI के इस्तीफे की मांग की निंदा की.

KPCC ने पोस्ट हटा कर माफी मांगी थी

बाद में विरोध के कारण पोस्ट हटा दिया गया, और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के नेताओं ने भी माफ़ी मांगी. पार्टी ने कहा कि उसने CJI के खिलाफ पोस्ट करने वाले व्यक्ति को निकाल दिया है.

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