भूटान से उठे बाढ़ के खतरे ने बढ़ाई चिंता, असम-बंगाल में लोगों को किया गया शिफ्ट

गुवाहाटी। भूटान में शिंताफू झील के फटने (ग्लेशियर झील फटने की घटना) के बाद भारत के पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। भूटान में आई अचानक बाढ़ को देखते हुए केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने असम और पश्चिम बंगाल के लिए विशेष बाढ़ चेतावनी जारी की है।

संकोश नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा

CWC द्वारा जारी एडवाइजरी के मुताबिक, भूटान में पुनात्सांगचू नदी के ऊपरी क्षेत्र में स्थित शिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटना दर्ज की गई है। यह नदी भारत की सीमा में प्रवेश करने के बाद 'संकोश नदी' के नाम से जानी जाती है। इसके चलते असम के धुबरी जिले और पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में जल स्तर अचानक तेजी से बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

असम के मुख्यमंत्री ने जताई चिंता, स्थिति पर रख रहे नजर

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी स्थिति पर लगातार बारीक नजर बनाए हुए है। धुबरी जिला प्रशासन की टीमें धरातल पर मुस्तैद हैं और निचले इलाकों पर पड़ने वाले किसी भी संभावित प्रभाव से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

पश्चिम बंगाल में सतर्कता और एजेंसियों का समन्वय

पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है और प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शॉ ने जनता से न घबराने की अपील करते हुए बताया कि स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय अधिकारी भूटान के प्रशासनिक अधिकारियों के निरंतर संपर्क में हैं। जिला मजिस्ट्रेट (DM), ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और पुलिस बल समेत सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां मिलकर राहत व बचाव की पूर्व तैयारियों में जुटी हुई हैं।

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