बिहार के नेता और मोकामा के MLA अनंत कुमार सिंह Anant Singh को बड़ा झटका देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनके राजनीतिक विरोधी दुलारचंद यादव से जुड़े मर्डर केस में मिली बेल रद्द कर दी.
Anant Singh को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का दिया आदेश
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीवी वराले की बेंच ने सिंह को 1 दिसंबर तक अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया. बेंच ने पटना हाई कोर्ट के उन्हें बेल देने के फैसले की भी आलोचना की, और कहा कि कथित अपराध की गंभीरता और सिंह के बड़े क्रिमिनल रिकॉर्ड पर ठीक से विचार नहीं किया गया था.
4 महीने में जांच पूरी करने कहा गया
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हम हाई कोर्ट का आदेश स्थगित कर रहे हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस को 4 महीने में जांच पूरी करने का आदेश दिया. इस बीच अनंत सिंह ने बेटी की शादी का हवाला देते हुए तुरंत सरेंडर न करने का अनुरोध किया था. जिसपर कोर्ट ने कोई टिप्पड़ी नहीं की
पिछले हफ्ते ही जेडीयू ने अनंत सिंह को पार्टी से निकाला है
जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह के खिलाफ 24 अक्तूबर को बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. पार्टी ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया. उनकी पत्नी और मोकामा की पूर्व विधायक नीलम देवी को भी पार्टी से छह साल के लिए बाहर कर दिया गया है.
जेडीयू की इस कार्रवाई के पीछे बिहार विधान परिषद चुनाव में पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने का मामला बताया जा रहा है. पार्टी का आरोप है कि अनंत सिंह ने जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया और उनके पक्ष में प्रचार किया. इसके अलावा उन पर पार्टी के निर्देशों की अनदेखी करने और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है.
क्या है दुलारचंद यादव से जुड़े मर्डर केस
दुलारचंद यादव मर्डर केस बिहार के मोकामा का एक बेहद चर्चित हत्याकांड है, जिसमें जनता दल (यूनाइटेड) से निष्कासित विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह मुख्य आरोपी हैं. यह घटना 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान हुई थी.
मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जेडीयू (JDU) प्रत्याशी अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों का काफिला आमने-सामने आ गया था.
इसके बाद हिंसक झड़प हुई जिसमें 75 वर्षीय दुलारचंद यादव जो पहले आरजेडी नेता थे और उस समय जन सुराज के समर्थक के रूप में प्रचार कर रहे थे मारे गए.
जिसके बाद दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोप लगाया गया है कि रास्ते में काफिले टकराने के बाद बहस हुई. दुलारचंद यादव को गाड़ी से बाहर खींचा गया, जिसके बाद अनंत सिंह ने उन पर गोली चलाई. इसके बाद अन्य आरोपियों ने उन पर हमला किया और थार गाड़ी से कुचल दिया. इस मामले में अनंत सिंह को 1 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.
गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा सीट से विधानसभा चुनाव जीत लिया था. जिसके बाद मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को नियमित जमानत दे दी थी, जिसके बाद वे बेऊर जेल से बाहर आ गए थे.
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