Kunjapuri Fair : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में 50वें सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर भव्य शुभारंभ किया. नवरात्रि के पावन प्रथम दिवस पर आयोजित इस नौ दिवसीय मेले के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन किया, विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया.

इस दौरान उन्होंने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं एवं स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही मां कुंजापुरी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की.
Kunjapuri Fair:लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
शारदीय नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 50वां श्री कुंजापुरी मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करना बेहद सुखद है, क्योंकि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है. ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने के साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं.

पर्यटन, रोजगार और रिवर्स पलायन पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है.
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ और वोकल फॉर लोकल: ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार मिल रहा है, जिसकी बिक्री अब तक 6 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है.
स्वरोजगार की पहल: स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलों से राज्य में ‘रिवर्स पलायन’ में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.
टिहरी के विकास को गति
टिहरी जिले के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं. झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके साथ ही, नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण और लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आकर्षण
मेले के दौरान विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा (तेल कलश) की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी, नरसिंह अवतार, और ‘बदलता एवं बढ़ता नरेंद्रनगर’ जैसे विषयों पर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं.
कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने भी मेले की स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया.
कब तक चलेगा मेला?
11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद, विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ प्रसिद्ध लोक कलाकारों और बैंड्स की प्रस्तुतियां होंगी. मेले का समापन पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागर गायन के साथ होगा। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

