नई दिल्ली (दिल्ली)। बहुप्रतीक्षित बारापूला फेज-3 कॉरिडोर का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संपन्न हुआ। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा सहित अन्य विशिष्ट जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
11 वर्षों का इंतजार हुआ समाप्त: लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा
इस अवसर पर अपने संबोधन में लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि इतनी वृहद परियोजना का आज लोकार्पण हो रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता पिछले 11 वर्षों से जिस पल का इंतजार कर रही थी, वह आज समाप्त हो गया है। इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पिछले 11 साल से अटका हुआ था, जिससे करदाताओं (टैक्सपेयर्स) के धन की भारी बर्बादी हो रही थी और कई अनापत्ति प्रमाण पत्रों (NOCs) की अड़चनें थीं। हमारी सरकार ने सत्ता में आने के बाद सभी बाधाओं को दूर किया और जनता के भरोसे पर खरा उतरते हुए इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया। उन्होंने यह भी बताया कि केवल यही नहीं, बल्कि मुकरबा चौक अंडरपास, सावित्री फ्लाईओवर और मोदी मिल फ्लाईओवर का भी शिलान्यास किया गया है। यह संपूर्ण कार्ययोजना राजधानी दिल्ली की आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
पूर्वी दिल्ली से दक्षिण और मध्य दिल्ली का सफर हुआ सुगम
बारापुला फेज-3 के जनता को समर्पित होने से पूर्वी दिल्ली के निवासियों का दक्षिण और मध्य दिल्ली तक आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा। मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे इस नए कॉरिडोर के चालू होने से वाहन चालकों को आईटीओ (ITO), रिंग रोड और डीएनडी (DND) के अलावा एक नया और पूरी तरह से सिग्नल-फ्री विकल्प मिल गया है। इससे रोजाना अपनी आजीविका और कार्यवश दक्षिण दिल्ली आने-जाने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों को भारी राहत मिलेगी।
किन इलाकों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ?
इस नए कॉरिडोर का प्रत्यक्ष और सबसे बड़ा लाभ मयूर विहार के फेज-1, फेज-2, फेज-3 के साथ-साथ चिल्ला गाँव के निवासियों को प्राप्त होगा। यहाँ से दक्षिण दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन चालक सीधे इस बारापुला कॉरिडोर का उपयोग कर सकेंगे। इसके परिणामस्वरूप सराय काले खां की तरफ जाने के लिए पुराने और संकरे मार्गों पर निर्भरता में कमी आएगी।
इसके अतिरिक्त, लक्ष्मी नगर, शकरपुर और पटपड़गंज के लोगों को भी दक्षिण दिल्ली पहुँचने के लिए एक नया और सुगम मार्ग मिल जाएगा। इन क्षेत्रों से आने वाले वाहन मयूर विहार के रास्ते आसानी से इस कॉरिडोर तक पहुँच सकेंगे, जिससे विकास मार्ग और आईटीओ की तरफ जाने वाले यातायात के भारी दबाव में भी कमी आने की उम्मीद है। वहीं, आनंद विहार, कड़कड़डूमा, विवेक विहार के साथ-साथ वसुंधरा एन्क्लेव और दल्लूपुरा के वाहन चालकों को भी दक्षिण दिल्ली जाने के लिए एक बेहतरीन वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा।
दैनिक यात्रियों और चालकों की प्रतिक्रिया
दिल्ली में अपनी सेवाएँ दे रहे गौरव ने बताया कि पहले उन्हें दक्षिण दिल्ली जाने के लिए काफी लंबा चक्कर काटना पड़ता था, किंतु अब मयूर विहार के रास्ते बारापुला का मार्ग मिलने से समय और दूरी दोनों की भारी बचत होगी। इसी प्रकार, कैब चालक उत्सव ने साझा किया कि जाम की समस्या से बचने के लिए कई बार उन्हें डीएनडी फ्लाइवे का लंबा रास्ता चुनना पड़ता था, लेकिन अब इस नए कॉरिडोर के शुरू होने से दक्षिण दिल्ली जाने के लिए एक सीधा और तेज विकल्प मिल गया है।
यातायात के दबाव और प्रबंधन पर प्रभाव
यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, चिल्ला बॉर्डर और क्राउन प्लाजा की तरफ आने-जाने वाले ट्रैफिक पर भी इस मार्ग का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पीक आवर्स के दौरान डीएनडी और अक्षरधाम मंदिर के सामने वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है। नए कॉरिडोर के शुरू होने से यातायात का बेहतर बँटवारा होगा, जिससे इन व्यस्त मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक संचालन को नियंत्रित करने में आसानी होगी। हालाँकि, इस परिवर्तन का वास्तविक और जमीनी असर कॉरिडोर पर नियमित यातायात शुरू होने के कुछ समय बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

