बिहार DGP विनय कुमार छुट्टी पर,प्रीता वर्मा को मिली कमान, जानिए कौन हैं 1991 बैच की IPS

DGP Acting Bihar Preeta Verma : बिहार पुलिस के शीर्ष पद पर अस्थायी तौर पर बदलाव हुआ है. राज्य के मौजूदा पुलिस महानिदेशक विनय कुमार इन दिनों के अवकाश पर हैं. उनकी गैरमौजूदगी में 1991 बैच की वरिष्ठ IPS अधिकारी प्रीता वर्मा को DGP का अतिरिक्त यानी कार्यकारी प्रभार सौंपा गया है. गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, यह व्यवस्था विनय कुमार की वापसी तक लागू रहेगी.

प्रीता वर्मा फिलहाल महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. DGP का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद वह अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ पुलिस मुख्यालय का कामकाज भी देखेंगी.

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब बिहार में मौजूदा DGP विनय कुमार के उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया भी चर्चा में है. विनय कुमार का कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है. इसलिए प्रीता वर्मा को मिली यह जिम्मेदारी बिहार पुलिस के शीर्ष नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

DGP Acting Bihar Preeta Verma:कौन हैं प्रीता वर्मा?

प्रीता वर्मा बिहार कैडर की 1991 बैच की IPS अधिकारी हैं. भारत सरकार की IPS सिविल लिस्ट में उनका अलॉटमेंट ईयर 1991, होम स्टेट राजस्थान और नियुक्ति की तारीख 11 अक्टूबर 1992 दर्ज है. आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी शैक्षणिक योग्यता B.A. बताई गई है.

करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे पुलिस करियर में प्रीता वर्मा ने बिहार पुलिस और प्रशासन में कई वरिष्ठ पदों पर काम किया है. 2023 की आधिकारिक IPS सिविल लिस्ट में उन्हें DG (Training), Bihar के पद पर दर्ज किया गया था.

इसके बाद 2026 में उन्हें होमगार्ड एवं फायर सर्विसेज के DG-कम-कमांडेंट जनरल की जिम्मेदारी मिली. अब DGP विनय कुमार की गैरमौजूदगी में उन्हें राज्य पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित हैं प्रीता वर्मा

प्रीता वर्मा के पुलिस करियर में कई अहम उपलब्धियां दर्ज हैं. उन्हें 2009 में Police Medal for Meritorious Service (सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक) से सम्मानित किया गया था. बाद में 2023 में उन्हें President’s Police Medal for Distinguished Service (विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक) भी मिला.

केंद्रीय गृह मंत्रालय की वर्ष 2023 की आधिकारिक पदक सूची में बिहार से प्रीता वर्मा का नाम DG (Training), Patna के रूप में दर्ज है. उसी सूची में बिहार के एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अमरेंद्र कुमार आंबेडकर का नाम भी शामिल था.

भारत सरकार के IPS सिविल लिस्ट रिकॉर्ड में भी प्रीता वर्मा के नाम के साथ 2009 के Police Medal का उल्लेख मिलता है.

इस तरह करीब तीन दशक से ज्यादा की सेवा और वरिष्ठ पदों का अनुभव रखने वाली प्रीता वर्मा अब बिहार पुलिस मुख्यालय की कमान संभाल रही हैं.

विनय कुमार कितने दिन रहेंगे छुट्टी पर?

गृह विभाग के आदेश के मुताबिक DGP विनय कुमार 15 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक अवकाश पर रहेंगे. मीडिया रिपोर्टों में उनके अवकाश को व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से स्वीकृत बताया गया है. उनकी छुट्टी समाप्त होने के बाद वह दोबारा DGP का पदभार संभालेंगे और प्रीता वर्मा का अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा.

यानी फिलहाल प्रीता वर्मा को मिली जिम्मेदारी स्थायी DGP नियुक्ति नहीं है, बल्कि मौजूदा DGP की अनुपस्थिति में कामकाज चलाने के लिए दिया गया अतिरिक्त प्रभार है.

दिसंबर में खत्म होगा विनय कुमार का कार्यकाल

विनय कुमार के अवकाश पर जाने के साथ ही बिहार के अगले स्थायी DGP को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उनका कार्यकाल दिसंबर 2026 में समाप्त होना है. बिहार सरकार ने नए DGP के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कार्यकारी DGP के तौर पर प्रीता वर्मा की नियुक्ति और स्थायी DGP के चयन की प्रक्रिया अलग-अलग हैं. अभी यह तय नहीं है कि अगला स्थायी DGP कौन होगा.

कैसे चुना जाता है बिहार का नया DGP?

रिपोर्टों के मुताबिक बिहार गृह विभाग वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल तैयार कर रहा है. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम UPSC को भेजे जाएंगे. UPSC पात्र अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजेगी और इसके बाद राज्य सरकार उस पैनल में से नए DGP का चयन करेगी.

इस प्रक्रिया को लेकर बिहार में कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं. आधिकारिक IPS रिकॉर्ड में 1992 बैच के बी. श्रीनिवासन, 1993 बैच के जितेंद्र सिंह गंगवार और जितेंद्र कुमार, तथा 1994 बैच के कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम दर्ज हैं.

मीडिया रिपोर्टों में कुंदन कृष्णन और अमित कुमार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में आए हैं. हालांकि अंतिम नाम UPSC की प्रक्रिया और राज्य सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा.

क्या प्रीता वर्मा बन सकती हैं बिहार की पहली महिला DGP?

प्रीता वर्मा के कार्यकारी DGP बनने के बाद एक अहम सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या वह बिहार की पहली महिला स्थायी DGP बन सकती हैं.

फिलहाल इसका जवाब निश्चित रूप से नहीं दिया जा सकता. प्रीता वर्मा को अभी केवल विनय कुमार की अनुपस्थिति में DGP का अतिरिक्त प्रभार मिला है। स्थायी नियुक्ति के लिए अलग चयन प्रक्रिया पूरी होगी.

अगर भविष्य में उनका चयन स्थायी DGP के तौर पर होता है, तभी बिहार को पहली महिला पुलिस महानिदेशक मिलने की स्थिति बनेगी. अभी यह केवल संभावित परिदृश्य है, कोई अंतिम निर्णय नहीं.

प्रीता वर्मा के सामने तत्काल जिम्मेदारी क्या होगी?

कार्यकारी DGP के तौर पर प्रीता वर्मा के सामने बिहार पुलिस के रोजमर्रा के प्रशासन और पुलिस मुख्यालय के कामकाज को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी. वह DGP पद से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करेंगी और साथ ही होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवाओं का अपना मौजूदा प्रभार भी संभालेंगी.

उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राज्य में नए स्थायी DGP की चयन प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. इसलिए आने वाले समय में बिहार पुलिस के शीर्ष नेतृत्व को लेकर होने वाले प्रशासनिक फैसलों पर भी नजर रहेगी.

फिलहाल क्या है स्थिति?

फिलहाल तस्वीर साफ है—विनय कुमार 5 अक्टूबर तक अवकाश पर हैं और उनकी गैरमौजूदगी में प्रीता वर्मा बिहार की कार्यकारी DGP के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं. स्थायी DGP के चयन की प्रक्रिया अलग से चल रही है.

1991 बैच की अधिकारी प्रीता वर्मा के पास तीन दशक से अधिक का पुलिस अनुभव है और उन्हें 2009 तथा 2023 में पुलिस सेवा के लिए पदक भी मिल चुके हैं. अब कार्यकारी DGP के रूप में मिली नई जिम्मेदारी उनके लंबे पुलिस करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है.

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