Bhojpuri actor Akshara Singh भोजपुर: बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच भोजपुरी सिनेमा की मशहूर गायिका और अभिनेत्री अक्षरा सिंह ने मानवीय पहल करते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए कदम आगे बढ़ाया है. मंगलवार को वह भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के जवईनिया गांव के विस्थापित परिवारों के बीच पहुंचीं और दामोदरपुर बांध पर शरण लिए लोगों को राहत सामग्री वितरित की.
अक्षरा सिंह ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों और मौजूदा हालात की जानकारी ली. उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में वह उनके साथ खड़ी हैं और अपनी क्षमता के अनुसार आगे भी मदद करती रहेंगी.
भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह बिहार के बाढ़ पीड़ितों को राशन बांटने गई थी देखी कितना भीड़ लग गया। pic.twitter.com/anBbyR8CST
— छपरा जिला 🇮🇳 (@ChapraZila) September 15, 2026
Bhojpuri actor Akshara Singh:दामोदरपुर बांध पर शरण ले रहे परिवारों से मिलीं अक्षरा सिंह
बाढ़ के कारण जवईनिया गांव के कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है. ऐसे में दामोदरपुर बांध पर रह रहे विस्थापित परिवारों के बीच अक्षरा सिंह का पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए खास रहा.
अभिनेत्री ने राहत शिविर जैसे हालात में रह रहे परिवारों से बातचीत की और उनकी दैनिक जरूरतों को समझने का प्रयास किया. उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और संकट की घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.
अक्षरा सिंह ने अपनी पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि आपदा के समय जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए समाज के सक्षम लोगों को आगे आना चाहिए.
चावल, दाल से लेकर बच्चों के डायपर तक बांटे राहत सामग्री
अक्षरा सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच रोजमर्रा की जरूरतों में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुओं का वितरण किया. राहत सामग्री में खाद्य पदार्थों के साथ-साथ जरूरी घरेलू सामान भी शामिल रहे.
वितरित की गई प्रमुख सामग्री में शामिल हैं:
चावल, दाल और आटा
मोमबत्ती और टॉर्च
मच्छरदानी.
बच्चों के डायपर
चॉकलेट और बिस्किट
बाढ़ की स्थिति में भोजन, रोशनी और बच्चों से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की जरूरत बढ़ जाती है. राहत सामग्री के वितरण से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता मिलने की उम्मीद जगी.
अभिनेत्री ने लोगों से बातचीत के दौरान उनकी समस्याओं को समझा और कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों के सहयोग के लिए आगे भी प्रयास करती रहेंगी.
‘मैं बिहार की बेटी हूं, इसलिए अपनी जिम्मेदारी निभाने आई हूं’
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचने के उद्देश्य को लेकर अक्षरा सिंह ने भावुक अंदाज में अपनी बात रखी. उन्होंने बिहार की मिट्टी और यहां के लोगों से अपने जुड़ाव का जिक्र किया.
उनके बयान के अनुसार:
“मैं बिहार की बेटी हूं और उस नाते आज मैं यहां आई हूं और अपने लोगों के बीच आई हूं।”
अक्षरा ने कहा कि उन्होंने इसी धरती से पहचान और सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी बताया कि वह मुंबई से बिहार आई हैं, ताकि इस आपदा के दौरान अपनी ओर से जितना संभव हो सके, उतना सहयोग कर सकें।
अभिनेत्री ने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि जीवन में सफलता हासिल करने के बाद लोगों के दुख-दर्द में साथ देना भी एक जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि वह अपनी क्षमता के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करना चाहती हैं।
ग्रामीणों ने जताया आभार, बांध पर जुटी लोगों की भीड़
अक्षरा सिंह के जवईनिया पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग दामोदरपुर बांध पर पहुंच गए। राहत वितरण के साथ-साथ अभिनेत्री को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुटी।
इस दौरान बांध पर कुछ समय के लिए काफी भीड़ देखी गई। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए गए थे।
राहत सामग्री मिलने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अक्षरा सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया। आपदा के बीच किसी सार्वजनिक हस्ती की ओर से मिली सहायता ने लोगों के बीच राहत और उम्मीद का भाव पैदा किया।
पवन सिंह के नहीं आने पर अक्षरा सिंह ने क्या कहा?
अक्षरा सिंह के भोजपुर पहुंचने के दौरान पत्रकारों ने उनसे भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को लेकर भी सवाल किया. उनसे पूछा गया कि वह पवन सिंह के गढ़ में आई हैं, लेकिन पवन सिंह बाढ़ पीड़ितों के बीच नहीं पहुंचे हैं.
इस सवाल के जवाब में अक्षरा सिंह ने कहा कि वह किसी दूसरे व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं ले सकतीं. उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी और बिहार के लोगों से जुड़ाव पर जोर दिया.
अक्षरा के मुताबिक, उन्होंने कहा:
“अब मैं किसी और की जिम्मेदारी तो नहीं ले सकती। मैंने कहा, आपको ये मेरी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने आगे बताया कि वह इसी मिट्टी से जुड़ी हैं और बिहार के लोगों की वजह से आज अपने जीवन में आगे बढ़ पाई हैं. उनके अनुसार, जब उन्होंने इस धरती से बहुत कुछ हासिल किया है, तो अब लोगों के दुख में शामिल होना और अपनी ओर से मदद करना भी उनकी जिम्मेदारी बनती है.
अक्षरा सिंह ने इस दौरान बिहार के लोगों के साथ दुख बांटने की बात कही और स्पष्ट किया कि वह अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करना चाहती हैं.
बाढ़ के बीच राहत कार्यों की जरूरत
बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में विस्थापित परिवारों के सामने भोजन, स्वच्छ पेयजल, रहने की जगह और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं. ऐसे में सरकारी राहत अभियानों के साथ सामाजिक संगठनों और व्यक्तिगत स्तर पर की जाने वाली सहायता भी प्रभावित लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है.
जवईनिया गांव के विस्थापित परिवारों के बीच अक्षरा सिंह का पहुंचना इसी तरह की मानवीय पहल के रूप में सामने आया है. हालांकि, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास की जरूरतें व्यापक होती हैं, जिनके लिए निरंतर प्रशासनिक एवं सामाजिक सहयोग आवश्यक है.

