CS Uttarakhand Anand Bardhan देहरादून : उत्तराखंड में लंबित आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण और दोषियों को जल्द सजा दिलाने को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर अभियोजन विभाग के कामकाज की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियोजन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और जघन्य अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए.
CS Uttarakhand Anand Bardhan:अभियोजन मामलों में तेजी के निर्देश
मुख्य सचिव ने विभिन्न जिलों में अभियोजन से जुड़े मामलों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अभियोजन प्रक्रिया का मूल उद्देश्य दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाना है. इसके लिए पुलिस, अभियोजन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाई जा सके. साथ ही लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में देरी पर नाराजगी
मुख्य सचिव ने अभियोजन से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान स्टैंडिंग कमेटी की बैठकें निर्धारित समय पर नहीं होने पर नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन बैठकों का आयोजन नियमित रूप से और तय समय-सारणी के अनुसार किया जाए.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियोजन से संबंधित मामलों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा. यदि प्रक्रिया के दौरान कोई व्यावहारिक, प्रक्रियात्मक या समन्वय संबंधी समस्या सामने आती है, तो उसका प्राथमिकता के आधार पर तत्काल समाधान किया जाए.
जघन्य अपराधों पर विशेष फोकस
बैठक में सभी जिलों में जघन्य अपराधों के मामलों की भी समीक्षा की गई. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करने और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने को कहा.
उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है. इसलिए जघन्य अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए.
मुख्य सचिव ने अभियोजन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को और मजबूत करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि लंबित मामलों की लगातार निगरानी की जाए और दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन की पैरवी को प्रभावी बनाया जाए.
15 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
बैठक के दौरान सूचना विभाग के महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने जिलाधिकारियों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 15 सितंबर से 18 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम और जनभागीदारी आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.
‘भारत 2047’ में छात्र दिखाएंगे अपनी प्रतिभा
‘भारत 2047’ कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक छात्र विकसित भारत और ‘भारत 2047’ विषय पर निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे.
जिला स्तर पर प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाएंगी. श्रेष्ठ चित्रों को एनिमेटेड लघु फिल्मों में शामिल कर प्रदर्शित किए जाने की योजना है.
‘सेवा और सपना’ से लेकर हैकाथॉन तक
महानिदेशक सूचना ने बताया कि ‘सेवा और सपना’ कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर के विद्यालयों में प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। वहीं 1 से 7 अक्टूबर 2026 तक ‘हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन होगा.
इसमें युवा, स्टार्टअप्स और रिसर्चर्स तकनीक, विकास और सोशल इनोवेशन समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत के भविष्य से जुड़े समाधान तैयार करेंगे.
‘जन कल्याण संवाद’ में जुटेंगे प्रभावशाली लोग
अभियान के तहत ‘जन कल्याण संवाद’ का भी आयोजन किया जाएगा. इसके माध्यम से प्रौद्योगिकी, खेल, कला, विज्ञान और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में काम करने वाले प्रभावशाली लोगों को एक मंच पर लाया जाएगा.
इसके अलावा 7 अक्टूबर 2026 को ‘सेवा ज्योति यात्रा दिवस’ मनाया जाएगा. इस अवसर पर रिले मैराथन में पेशेवर एथलीटों के साथ आम नागरिक भी भाग लेंगे. खेल प्रतियोगिताओं के साथ साइकिलिंग और बाइक रैली जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, एल. फेनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, विजय कुमार, चंद्रेश कुमार यादव, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, बृजेश कुमार संत, रणवीर सिंह चौहान, डॉ. वी. षणमुगम, युगल किशोर पंत, विनोद कुमार सुमन, राजेंद्र कुमार, धीराज सिंह गर्ब्याल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
इसके अलावा कुमाऊं मंडल आयुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडल आयुक्त आनन्द स्वरूप और सभी जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए.

