Clean Air Survey 2026 में देहरादून ने लगाई बड़ी छलांग,12वें स्थान पर पहुंची राजधानी  

Clean Air Survey 2026 देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने स्वच्छ वायु के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून ने 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वां स्थान हासिल किया है. खास बात यह है कि राजधानी ने महज तीन वर्षों में अपनी रैंकिंग में जबरदस्त सुधार करते हुए 37वें स्थान से 12वें स्थान तक का सफर तय किया है.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को स्वच्छ और स्वस्थ उत्तराखंड की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है. सरकार के मुताबिक, वायु गुणवत्ता में सुधार के पीछे प्रशासनिक प्रयासों के साथ नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विभिन्न विभागों और आम लोगों की भागीदारी भी अहम रही है.

Clean Air Survey 2026:3 साल में बदली देहरादून की रैंकिंग

देहरादून की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रैंकिंग पिछले तीन वर्षों में लगातार बेहतर हुई है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में देहरादून 41वें स्थान पर था. वर्ष 2025 में सुधार के बाद शहर 19वें स्थान पर पहुंचा और अब 2026 में 12वां स्थान हासिल किया है.

यानी देहरादून ने महज तीन साल में देश के शहरों के बीच अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है.सरकार इसे वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों का परिणाम मान रही है.

धूल नियंत्रण से लेकर मैकेनिकल स्वीपिंग तक पर जोर

देहरादून में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों पर काम किया गया. शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में धूल और प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव किया गया.

इसके अलावा प्रमुख सड़कों और मार्गों पर जमा होने वाली धूल को कम करने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग की व्यवस्था को मजबूत किया गया. सफाई मशीनों के नियमित संचालन के जरिए सड़क की धूल से पैदा होने वाले प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने की कोशिश की गई.

वाहनों के प्रदूषण पर भी बढ़ी निगरानी

देहरादून की हवा को बेहतर बनाने के लिए वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण पर भी निगरानी बढ़ाई गई.परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों की ओर से PUC यानी प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की जांच के अभियान चलाए गए.

निर्धारित मानकों से अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही सरकार स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दे रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है.

खुले में कूड़ा जलाने के खिलाफ जागरूकता अभियान

वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में खुले में कूड़ा और कृषि अवशेष जलाना भी शामिल है. इसे देखते हुए देहरादून में नागरिकों को खुले में कचरा नहीं जलाने के लिए जागरूक किया गया.

प्रशासन और नगर निकाय की कोशिश रही कि केवल कार्रवाई के बजाय लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाए. स्वच्छता, कूड़ा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में जनभागीदारी को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया.

लगातार मॉनिटरिंग से प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस

शहर में वायु गुणवत्ता की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है.वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं.

सरकार का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रशासन, परिवहन विभाग और नागरिकों को मिलकर काम करना जरूरी है.

ऋषिकेश और काशीपुर में भी सुधार

देहरादून के साथ उत्तराखंड के दूसरे शहरों में भी वायु गुणवत्ता सुधार की दिशा में प्रयास जारी हैं. ऋषिकेश और काशीपुर में भी पिछले वर्षों की तुलना में सकारात्मक सुधार दर्ज किए जाने की बात सामने आई है.

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर वायु प्रदूषण नियंत्रण की प्रभावी कार्ययोजना लागू की जाए.

CM धामी बोले- स्वच्छ हवा स्वस्थ जीवन से जुड़ा विषय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून की उपलब्धि पर देहरादूनवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों को बधाई दी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून का 37वें से 12वें स्थान पर पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने इसे जागरूक जनता की भागीदारी, नगर निगम के प्रयासों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सतत निगरानी का संयुक्त परिणाम बताया.

उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है. स्वच्छ हवा सिर्फ पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य से जुड़ा विषय है.

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि देहरादून की यह उपलब्धि प्रदेश को स्वच्छ वायु के क्षेत्र में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी और सामूहिक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे.

तीन साल में देहरादून की रैंकिंग
वर्षदेहरादून की रैंक
202441वीं
202519वीं
202612वीं

देहरादून की रैंकिंग में लगातार सुधार यह संकेत देता है कि धूल नियंत्रण, सड़क सफाई, वाहन उत्सर्जन की निगरानी, कचरा जलाने पर रोक, स्वच्छ परिवहन और जनभागीदारी जैसे उपायों को लगातार लागू करने से शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.

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