एशियन गेम्स 2026: भारत का स्वर्णिम शुक्रवार, एक दिन में 6 गोल्ड; महिला हॉकी ने 44 साल बाद रचा इतिहास

Asian Games 2026 India medal tally :एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए शुक्रवार,2 अक्टूबर का दिन यादगार बन गया. भारतीय खिलाड़ियों ने तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती और महिला हॉकी में दमदार प्रदर्शन करते हुए छह स्वर्ण पदक जीते. दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि भारतीय महिला हॉकी टीम की रही, जिसने फाइनल में चीन को हराकर चार दशक से ज्यादा समय से चला आ रहा इंतजार खत्म कर दिया.

Asian Games 2026
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को हराकर जीता गोल्ड.

Asian Games 2026 India medal tally:भारत के युवा खिलाडियों ने दिखाया कमाल

भारत की इस कामयाबी में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का भी अहम योगदान रहा. तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया को हराने से लेकर कुश्ती में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी तक, भारतीय खिलाड़ियों ने कई मुकाबलों में अपनी क्षमता का परिचय दिया.

महिला हॉकी में 44 साल बाद भारत को गोल्ड, ओलंपिक का टिकट भी मिला

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर इतिहास रच दिया. जापान के काकामिगाहारा स्थित गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत की ओर से लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया.

मैच के 10वें मिनट में लालरेमसियामी ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिलाई. इसके बाद भारतीय टीम ने चीन के लगातार हमलों का सामना किया. गोलकीपर सविता पुनिया ने अहम पेनल्टी स्ट्रोक बचाकर भारत की बढ़त कायम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

भारत ने आखिरी बार 1982 के एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद टीम 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंची, लेकिन उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार चीन को हराकर भारतीय टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म कर दिया.

इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ गया, क्योंकि एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया.

women's hockey team won gold medal.
भारत की महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जीता गोल्ड

तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण

भारत के लिए स्वर्ण पदकों का सिलसिला महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम की ऐतिहासिक जीत से शुरू हुआ. अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की भारतीय तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल जीता.

दक्षिण कोरिया को तीरंदाजी की दुनिया की मजबूत टीमों में गिना जाता है. ऐसे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में संयम बनाए रखा और निर्णायक मौकों पर सटीक निशाने लगाए. इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी.

इस जीत ने एशियन गेम्स में भारतीय तीरंदाजी के लिए एक नया अध्याय जोड़ा. युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोड ने इसके बाद मिक्स्ड रिकर्व टीम स्पर्धा में धीरज बोम्मादेवरा के साथ भी शानदार प्रदर्शन किया. दोनों ने फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन खिताबी मुकाबले में चीन से 3-5 से हारने के बाद उन्हें रजत पदक मिला.

Historic gold medal in archery by defeating South Korea
तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण
लवलीना बोरगोहेन ने जन्मदिन पर जीता गोल्ड

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने जन्मदिन को स्वर्ण पदक के साथ यादगार बना दिया. महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया.

इस जीत के साथ लवलीना एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बनीं. उनसे पहले एमसी मैरी कॉम ने 2014 के एशियन गेम्स में यह उपलब्धि हासिल की थी.

लवलीना ने पिछले एशियन गेम्स में जीते रजत पदक के बाद इस बार स्वर्ण पर कब्जा जमाया. उनके गोल्ड ने भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की.

Lovlina Borgohain
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने जीता स्वर्ण पदक
परवीन हुड्डा की शानदार वापसी, फाइनल में जीता गोल्ड

भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीनी ताइपे की निएन-चिन चेन को 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया.

परवीन के लिए यह जीत खेल के लिहाज से खास रही. पिछले एशियन गेम्स में उन्होंने कांस्य पदक जीता था, लेकिन बाद में ठिकाने की जानकारी से जुड़े डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के मामले में उनका पदक वापस ले लिया गया था.

इस बार परवीन ने रिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता.उनकी जीत ने भारतीय मुक्केबाजी के खाते में एक और गोल्ड जोड़ दिया.

Parveen Hooda won the gold medal.
परवीन हुड्डा ने जीता गोल्ड मेडल
सुजीत कलकल ने 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता मुकाबला

कुश्ती के मुकाबले में सुजीत कलकल ने असाधारण वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता. पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव के खिलाफ सुजीत एक समय 2-9 से पिछड़ रहे थे.

मुकाबला उनके हाथ से निकलता दिखाई दे रहा था, लेकिन भारतीय पहलवान ने हार नहीं मानी. उन्होंने लगातार अंक जुटाते हुए स्कोर 10-9 कर दिया और एक अंक के अंतर से मुकाबला जीत लिया.

फाइनल से पहले सुजीत ने सेमीफाइनल में जापान के कोटारो कियोका को काइटेरिया नियम के आधार पर हराया था. फाइनल में उनकी वापसी भारतीय कुश्ती के लिए दिन के सबसे रोमांचक पलों में शामिल रही.

अंकुश पंघल ने भी मुक्केबाजी में दिलाया स्वर्ण

भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघल ने भी अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

अंकुश की जीत के साथ भारतीय मुक्केबाजों ने एक ही दिन में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वह 2018 में अमित पंघल के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बने।

भारत की पदक तालिका में छह स्वर्ण का इजाफा

शुक्रवार की उपलब्धियों ने एशियन गेम्स 2026 में भारत के अभियान को नई मजबूती दी। महिला हॉकी, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती में मिली सफलताओं के साथ भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 16 तक पहुंच गई।

शुक्रवार के प्रदर्शन में छह स्वर्ण पदक शामिल रहे। दिन की अन्य पदक उपलब्धियों में मिक्स्ड रिकर्व तीरंदाजी का रजत पदक भी रहा। कुल पदकों के आंकड़ों में दिन के सभी मुकाबलों और स्पर्धाओं के परिणामों के अनुसार बदलाव हो सकता है।

एक दिन, कई ऐतिहासिक उपलब्धियां

एशियन गेम्स 2026 का यह शुक्रवार भारतीय खेलों के लिए कई वजहों से खास रहा। महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण जीता, मुक्केबाजों ने तीन गोल्ड दिलाए, सुजीत कलकल ने पिछड़ने के बाद मुकाबला पलटा और महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स का खिताब हासिल किया।

महिला हॉकी की जीत ने भारत को सिर्फ एक स्वर्ण पदक ही नहीं दिया, बल्कि लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में सीधे प्रवेश का रास्ता भी खोला। भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने एशियन गेम्स में देश के अभियान को यादगार बना दिया.

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