उत्तराखंड में बिना मान्यता वाले मदरसों पर बड़ी कार्रवाई,अब तक 13 सील

Uttarakhand Madrasa Action देहरादून: उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित हो रहे मदरसों पर सरकार ने सख्ती तेज कर दी है. शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता के लिए आवेदन नहीं करने वाले मदरसों के खिलाफ अब कार्रवाई शुरू हो गई है. प्रदेशभर में अब तक 13 मदरसों को सीलबंद किया जा चुका है. वहीं, 150 से अधिक मदरसे ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है.

रुड़की में भी दो मदरसों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया गया. इनमें मदरसा जामेया नबिया एकेडमी महीदान, दिल्ली रोड और एमए मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट शामिल हैं.

Uttarakhand Madrasa Action:बिना मान्यता के चल रहे मदरसों पर सरकार सख्त

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी के मुताबिक प्रदेश में अब तक 13 मदरसों को सील किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के नियम 1 जुलाई से लागू हैं और मदरसों को मान्यता लेने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है.

इसके बावजूद बड़ी संख्या में संस्थानों की ओर से मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया गया. ऐसे में अब नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

रुद्रपुर में मौलाना के बयान के बाद बढ़ी सख्ती

मदरसों पर कार्रवाई का यह अभियान ऐसे समय तेज हुआ है, जब रुद्रपुर में ई-ए-मिलाद के जुलूस के दौरान मौलाना मुजीब के कथित बयान को लेकर विवाद सामने आया था. इसी दौरान बिना मान्यता के बच्चों को पढ़ाए जाने की जानकारी भी सामने आई.

इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी और अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक दीप्ति सिंह ने सभी जिलों को बिना मान्यता संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं.

सात जिलों के जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र

कार्रवाई को लेकर देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं.

अधिकारियों को ऐसे मदरसों की पहचान कर नियमों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है. पहले मदरसों को सितंबर तक मान्यता के लिए आवेदन करने का अवसर दिया गया था, लेकिन कई संस्थानों ने निर्धारित समय में आवेदन नहीं किया.

रुड़की में तीन मदरसों की जांच, दस्तावेज मांगे

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बीपी त्रिवेदी ने आजाद कॉलोनी स्थित तीन मदरसों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान एक मदरसा स्कूल में परिवर्तित मिला, जबकि दो मदरसों में बच्चे पढ़ते हुए पाए गए.

जांच में इन संस्थानों के पास मान्यता से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे. अधिकारियों के मुताबिक संचालकों ने वकील के माध्यम से मान्यता के लिए आवेदन करने की बात कही.

अधिकारी ने संबंधित संस्थानों को शुक्रवार तक जरूरी दस्तावेज जमा करने की चेतावनी दी है। वहीं जिले के सभी 40 मदरसों को नोटिस जारी किए गए हैं.

150 से ज्यादा मदरसों ने नहीं किया आवेदन

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि नियम लागू होने के बावजूद प्रदेश में 150 से अधिक मदरसों ने अभी तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि बिना मान्यता के बच्चों का दाखिला लेकर उन्हें शिक्षा देना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है. इसी वजह से ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.

सरकार और विभाग का कहना है कि मदरसों को पहले नियमों के बारे में जागरूक किया गया और मान्यता के लिए आवेदन करने का अवसर भी दिया गया. अब नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है.

आगे और बढ़ सकती है कार्रवाई

उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है. आने वाले दिनों में जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर और भी ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई हो सकती है, जो निर्धारित नियमों के तहत मान्यता के लिए आवेदन नहीं करते हैं.

Latest news

Related news