उत्तराखंड के पहाड़ी निकायों में खुलेंगे ‘आरोग्य मंदिर’, स्वास्थ्य सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी

Uttarakhand Arogya Mandir Yojana देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक नई पहल करने जा रही है. इसके तहत पहाड़ी नगर निकायों में ‘आरोग्य मंदिर’ स्थापित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है.धामी  सरकार का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी लंबी दूरी तय करने की जरूरत न पड़े.

Uttarakhand Arogya Mandir Yojana:पहले होगा क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण

योजना के मुताबिक आरोग्य मंदिर स्थापित करने से पहले शहरी विकास विभाग और संबंधित एजेंसियां पर्वतीय निकायों का पुनर्निर्धारण करेंगी. इसके बाद जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए स्थानों का चयन किया जाएगा.

सरकार का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियां मैदानी इलाकों से अलग हैं. ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की योजना भी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाएगी.

प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा विशेष जोर

प्रस्तावित आरोग्य मंदिरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों की नियमित जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है. इसके अलावा लोगों को स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों से भी जोड़ा जाएगा.

दूरदराज के लोगों को मिलेगा लाभ

उत्तराखंड के कई पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आज भी चुनौती बना हुआ है. बरसात और बर्फबारी के दौरान यह समस्या और बढ़ जाती है. ऐसे में आरोग्य मंदिरों की स्थापना से स्थानीय लोगों, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन केंद्रों को प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों, पर्याप्त दवाइयों और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाता है तो यह योजना ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में पहल

राज्य सरकार लगातार स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रही है. मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, अस्पतालों में सुविधाओं का विकास और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ अब आरोग्य मंदिरों की योजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

हालांकि, योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा और समयसीमा को लेकर सरकार की ओर से विस्तृत और आधिकारिक जानकारी आना बाकी है लेकिन इतना तो तय है कि अगर राज्य का धामी सरकार इस योजना को अच्छी तरह से लागू करने पर अमल करती है तो इससे  दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेगी जो सरकार के लिए भी एक बड़ी उलब्धि साबित होगी.

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