Bankipur Bypoll Result 2026 पटना : बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच चुनावी तस्वीर तेजी से बदलती नजर आ रही है. शुरुआती रुझानों से लेकर 13वें राउंड तक जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (PK) लगातार बढ़त बनाए हुए हैं. ताजा रुझानों के मुताबिक वह बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा से 6,647 से अधिक वोटों की बढ़त पर हैं. यदि यही रुझान नतीजों में बदलते हैं तो बांकीपुर में बीजेपी का तीन दशक पुराना किला ढह जायेगा.
Bankipur Bypoll Result 2026:13वें राउंड तक PK की मजबूत बढ़त
मतगणना के दौरान प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं. बीजेपी और जन सुराज के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जबकि आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता तीसरे स्थान पर चल रही हैं. अंतिम परिणाम शाम तक आने की संभावना है.कुल मिलाकर 31 राउंड की काउंटिग होगी.
बीजेपी का 31 साल पुराना गढ़ खतरे में
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 1995 से लगातार बीजेपी का कब्जा रहा है. पार्टी ने इस सीट पर कभी हार का सामना नहीं किया. यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी, जिसके बाद 30 जुलाई को उपचुनाव कराया गया. इस बार कुल 34.30 प्रतिशत मतदान हुआ, जो पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत कम रहा.
200 किलो लड्डू बने चर्चा का विषय
चुनाव से पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जीत के भरोसे 200 किलो लड्डू तैयार कराए थे लेकिन शुरुआती रुझानों में पार्टी उम्मीदवार पिछड़ने के बाद सोशल मीडिया पर इन लड्डुओं को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. चुनावी नतीजों के बीच यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
200 क्विंटल लड्डू पहले ही बनवा लिए थे… अब मिठाई खाएगा कौन?
प्रशांत किशोर | #Bankipur | #PrashantKishor | शरण सिंह | एवेन्यू कोर्ट | #BrijBhushanSharanSingh | घनश्याम सिंह
pic.twitter.com/O2ygW93DWS— India Lens (@indialensnews) August 3, 2026
प्रशांत किशोर का पहला विधानसभा चुनाव
यह प्रशांत किशोर का पहला विधानसभा चुनाव है. चुनावी रणनीतिकार से नेता बने पीके की बढ़त को बिहार की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वह यह चुनाव जीतते हैं तो जन सुराज पार्टी को राज्य की राजनीति में नई पहचान और मजबूती मिल सकती है.
युवाओं के रुझान पर भी रहेगी नजर
हाल के छात्र आंदोलनों के बाद हुए इस उपचुनाव को युवाओं के राजनीतिक रुझान का संकेत भी माना जा रहा है. ऐसे में बांकीपुर का परिणाम सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं, बल्कि बिहार की आगामी राजनीति की दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा रहा है.

