शोभा करंदलाजे पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस विधायक ने मांगी माफी, विवाद पर दिया स्पष्टीकरण

बेंगलुरु कर्नाटक की राजनीति में केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे को लेकर की गई एक विवादास्पद 'यजमान' टिप्पणी पर सियासी घमासान तेज हो गया है। बढ़ते राजनीतिक विरोध और चौतरफा आलोचना के बीच, कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने सोमवार को अपने दिए गए बयान पर खेद जताया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी की भी भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका पूरा अफसोस है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा शोभा करंदलाजे का सम्मान किया है और उनके बयान का उद्देश्य किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत अपमान करना नहीं था।

बिदादी टाउनशिप परियोजना से शुरू हुआ पूरा विवाद

यह पूरा सियासी विवाद बेंगलुरु के नजदीक प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर खड़ा हुआ है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस द्वारा भूमि अधिग्रहण के मुद्दों को लेकर कड़ा विरोध किया जा रहा है। इसी परियोजना का बचाव करते हुए जब कांग्रेस विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने अपनी बात रखी, तो उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस परियोजना की शुरुआत उनके 'यजमान' ने की थी। चूंकि शोभा करंदलाजे अविवाहित हैं, इसलिए इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस पर आपत्ति जताई जाने लगी और विवाद गहराता चला गया।

कांग्रेस विधायक ने दी अपने बयान पर सफाई

बढ़ते विवाद को देखते हुए विधायक बालकृष्ण ने सफाई दी कि वह शोभा करंदलाजे को हमेशा 'शोभाक्का' कहकर पूरे सम्मान के साथ संबोधित करते आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'यजमान' और 'निम्मा साहेबरु' जैसे शब्दों का इस्तेमाल उन्होंने केवल और केवल एक राजनीतिक संदर्भ में किया था। उनका कहना था कि वर्ष 2010 के दौरान बिदादी टाउनशिप परियोजना की दोबारा निविदा प्रक्रिया का जिक्र करते समय वह पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की भूमिका की चर्चा कर रहे थे। उनके अनुसार, येदियुरप्पा ने ही शोभा करंदलाजे को राजनीतिक संगठन में आगे बढ़ने और मंत्री बनने का अवसर दिया था, इसलिए उनके बयान को उसी राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।

सार्वजनिक जीवन में मर्यादा पर भाजपा का तीखा हमला

बालकृष्ण की इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या महिलाओं का अपमान करना अब कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक राजनीतिक संस्कृति बन गई है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के मन में महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं बचा है और वे सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की छवि को धूमिल करने की कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। इस तीखे घटनाक्रम के बाद से यह मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

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