दिल्ली : पॉकेट फ्रेंडली वैष्णो देवी टूर पैकेज के नाम पर ठगी करने वाले एक शख्स को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी मधुर कुमार ने बताया कि उसने ठगी के गुर फेसबुक से सीखे हैं. दिल्ली पुलिस ने कहा कि 25 फरवरी को शिकायतकर्ता अनामिका शर्मा ने एक शिकायत दी कि उसे “माता वैष्णो देवी” के टूर पैकेज के बारे में एक फेसबुक समूह पर एक मैसेज दिखा. मैसेज में मात्र 1300 / में एक व्यक्ति का आना-जाना-खाना-रहना और घोड़े से अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने का प्रस्ताव था.क्यूआर कोड भी दिया गया था जिस पर अनामिका शर्मा ने ऑनलाइन पेमेंट कर दिया.

क्यूआर कोड से जमा कराए पैसे
वैष्णो देवी की यात्रा 17 फरवरी को शुरू होनी थी. ये भी तय हुआ कि शाहदरा मेट्रो स्टेशन के पास फ्लाईओवर के नीचे बस खड़ी होगी. तय तारीख पर जब शिकायतकर्ता अनामिका शर्मा अन्य 24 महिलाओं के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंची तो उसे वहां कोई बस या आयोजक नहीं मिला. जल्द ही उसने पाया कि अन्य महिलाओं का एक समूह भी उसी बस की तलाश में वहां खड़ा था. वे सभी काफी देर तक इंतजार करते रहे और आयोजक के नंबर पर कॉल करने की कोशिश की लेकिन वह स्विच ऑफ मिला. वहां उन सभी को पता चला कि इन सभी ने धोखेबाज के एक ही मोबाइल नंबर/क्यूआर कोड स्कैनर पर राशि जमा की है और “वैष्णो देवी यात्रा और दर्शन” के नाम पर ठगी की गई है. इसके बाद थाना साइबर शाहदरा में आईपीसी की धारा 420/आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया. इतनी सारी महिलाओं को ठगने का सनसनीखेज संवेदनशील मामला होने के कारण तत्काल एक टीम का गठन किया गया.
बैंक डिटेल से पकड़े गए आरोपी
टीम ने अधिकांश ठगे गए पीड़ितों से घटना के संबंध में सभी जानकारी एकत्र की. सभी बैंक विवरणों और धोखेबाजों के नंबरों का विश्लेषण किया गया. गहन विश्लेषण के बाद और तकनीकी साक्ष्य के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले की पहचान मधुर कुमार के तौर पर हुई.पुलिस टीम ने उसके ठिकाने पर छापेमारी की और उसे हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार कर लिया.
ठगी का अगला प्लान भी तैयार था
पूछताछ के दौरान आरोपी मधुर ने खुलासा किया कि वह उक्त अपराध में शामिल है और आसानी से पैसे कमाने के लिए, इसलिए उसने ऐसा किया. उसने बताया कि पीड़ितों को जो क्यूआर कोड स्कैनर साझा किया, यह क्यूआर कोड उसके बहनोई तनु का था जो कुरुक्षेत्र में रहता है. तनु से ठगी की रकम यूपीआई के जरिए विभिन्न खातों में भेजी गई. फिर आरोपी मधुर ने उनसे नगद रुपए लिए. आरोपी के मोबाइल फोन से यह भी पता चला कि वह अप्रैल माह में अगली वैष्णो देवी यात्रा की तैयारी इसी तरीके से कर रहा था.
आरोपी 12वीं पास ड्राइवर है
आरोपी पेशे से ड्राइवर है. वह इंटरमीडिएट पास है और शादीशुदा है. उसने फेसबुक से यह तरकीब सीखी कि फेसबुक पर लोग ऐसा कर रहे हैं और वह भी कर सकता है. उसने पूर्व में भी इसी तरह की घटना की थी और जिसमें कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी .

