UP Panchgavya Cluster Yojana लखनऊ : उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार एक बड़ा मॉडल विकसित कर रही है. प्रदेश की 7500 से अधिक गोशालाओं को आधार बनाकर गांवों में पंचगव्य क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे. इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए करीब 3 लाख युवाओं को स्वरोजगार और आय के नए अवसर मिलने की संभावना है.
सरकार का उद्देश्य गोशालाओं को केवल पशु संरक्षण केंद्र तक सीमित न रखकर उन्हें उत्पादन, उद्यमिता और ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना है. इस योजना में महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और ग्रामीण युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
UP Panchgavya Cluster Yojana:पंचगव्य उत्पादों के जरिए बढ़ेगी आय
प्रस्तावित पंचगव्य क्लस्टरों में देसी गायों से प्राप्त दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का उपयोग कर विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाएंगे. इनमें जैविक कीटनाशक, जैव उर्वरक, औषधियां, धूपबत्ती, साबुन, पेंट और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री शामिल होगी.
सरकार की योजना इन उत्पादों के उत्पादन के साथ-साथ उनके विपणन की मजबूत व्यवस्था भी क्लस्टर स्तर पर विकसित करने की है, ताकि ग्रामीण उद्यमियों को बाजार तक आसान पहुंच मिल सके.
गो आधारित उद्योगों को मिलेगा नया विस्तार
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के अनुसार, पंचगव्य क्लस्टर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ गो-आधारित उद्योगों को संगठित स्वरूप प्रदान करेंगे. इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की उत्पादन लागत कम होगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
उन्होंने कहा कि यह मॉडल आत्मनिर्भर गांव और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
ऐसे काम करेगा पंचगव्य क्लस्टर मॉडल
योजना के तहत प्रदेश की 7500 गोशालाओं को क्लस्टर प्रणाली से जोड़ा जाएगा. प्रत्येक क्लस्टर में 40 युवाओं की एक टीम बनाई जाएगी, जो उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रशिक्षण, विपणन और अन्य गतिविधियों की निगरानी करेगी.
महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी. स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार करने से लेकर उनकी बिक्री तक की पूरी व्यवस्था यही टीमें संभालेंगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचगव्य क्लस्टर मॉडल गो संरक्षण, जैविक खेती, ग्रामीण उद्योग और रोजगार को एक साथ जोड़ने वाला अभिनव प्रयास है. इससे न केवल गोशालाओं की आर्थिक उपयोगिता बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा.
योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गो आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

