मुंबई | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों के बाद घरेलू शेयर बाजार में मामूली गिरावट देखने को मिली। केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को 5.25% पर यथावत (तटस्थ) रखने के फैसले के बाद बाजार ने अपनी सुबह की बढ़त गंवा दी। सुबह 11:20 बजे तक 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 9.52 अंकों की सुस्ती के साथ 74,350.49 के स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई का निफ्टी भी 17.15 अंक फिसलकर 23,399.40 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
शुरुआती कारोबार में दिखी थी अच्छी तेजी
इससे पहले सुबह के सत्र में शेयर बाजार की शुरुआत काफी सकारात्मक रही थी। सुबह 09:32 बजे के करीब सेंसेक्स 197.90 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की मजबूती के साथ 74,557.91 के स्तर पर खुला था। वहीं, निफ्टी में भी तेजी का रुख था और यह 51.41 अंक या 0.22 प्रतिशत की बढ़त लेते हुए 23,467.95 के अहम स्तर के पार निकल गया था। शुरुआती कारोबार में खरीदारों ने बाजार में अच्छा उत्साह दिखाया था, लेकिन एमपीसी के फैसले के बाद ऊपरी स्तरों पर बिकवाली हावी हो गई।
इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में उछाल
बाजार को शुरुआती घंटों में संभालने का काम कुछ बड़े शेयरों (लार्ज-कैप) ने किया। आईटी और बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) क्षेत्र में निवेशकों की लिवाली से बाजार को सहारा मिला। विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में दो-दो फीसदी की जोरदार बढ़त दर्ज की गई, जिसने सूचकांकों को मजबूती देने में मुख्य भूमिका निभाई।
सीमित दायरे में रहेगा बाजार, निवेशक बरत रहे सावधानी
बाजार के जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कुछ समय तक भारतीय शेयर बाजार में एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड) में ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि निवेशक इस समय घरेलू आर्थिक फैसलों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों को परख रहे हैं। किसी भी बड़े जोखिम से बचने के लिए बाजार में फिलहाल फूंक-फूंक कर कदम रखने और सतर्कता बरतने की रणनीति अपनाई जा रही है।

