चलती ट्रेन पकड़ने-उतरने की कोशिश बनी मुसीबत, दोनों पैर कटे

जबलपुर: जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। रीवा से चलकर जबलपुर पहुंचने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस से उतरने के दौरान एक यात्री गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले का रहने वाला 30 वर्षीय युवक हरिओम (पिता रविशंकर) गाड़ी संख्या 22190 रीवा-जबलपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से सफर करके जबलपुर आया था। सुबह करीब 11:00 बजे जब ट्रेन मुख्य स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर आकर रुकी, तब युवक अपना सामान लेकर नीचे उतरने लगा। इसी दौरान अचानक उसका पैर पायदान से फिसल गया और वह सीधे सीधे चलती ट्रेन और पटरियों के बीच के गैप में चला गया। इस भीषण हादसे में युवक के पैर पहियों की चपेट में आने से पूरी तरह कट गए। घटना के फौरन बाद मौके पर मुस्तैद रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को पटरियों से बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया।

प्लेटफार्म नंबर 3 पर मची अफरा-तफरी, यात्रियों के उड़े होश

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रीवा इंटरसिटी जैसे ही अपने तय समय पर मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर आकर रुकी, वैसे ही यात्रियों में हमेशा की तरह कोच से बाहर निकलने की होड़ मच गई। पीड़ित हरिओम भी अपना बैग और सामान संभालते हुए कोच के मुख्य दरवाजे तक आया और नीचे उतरने के लिए जैसे ही पहला कदम बढ़ाया, उसका संतुलन बिगड़ गया। पायदान से पैर फिसलने के कारण वह संभल नहीं पाया और सीधे नीचे चला गया। भारी लोहे के पहियों की चपेट में आने से युवक का निचला हिस्सा बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। प्लेटफार्म पर मौजूद अन्य यात्रियों ने जब यह खौफनाक नजारा देखा, तो पूरे स्टेशन परिसर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

रेलवे पुलिस के जवानों ने दिखाई तत्परता, समय रहते बचाया जीवन

दुर्घटना और लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनते ही प्लेटफार्म पर मुस्तैदी से गश्त कर रहे रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान बिना एक पल गंवाए मौके की तरफ दौड़ पड़े। पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए खून से लथपथ तड़प रहे युवक को तुरंत पटरियों के पास से सुरक्षित बाहर निकाला। जवानों ने तत्काल स्टेशन मास्टर और रेलवे प्रबंधन को हादसे की सूचना दी और मौके पर ही उपलब्ध प्राथमिक चिकित्सा किट की मदद से खून के बहाव को रोकने का प्रयास किया। पुलिस की इस त्वरित सक्रियता के कारण अत्यधिक खून बहने से युवक की जान जाने से बच गई।

आपातकालीन स्थिति में 108 एंबुलेंस से अस्पताल रेफर

युवक की अत्यंत नाजुक हालत को देखते हुए रेलवे पुलिस ने बिना कोई प्रशासनिक देरी किए तत्काल '108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा' को कॉल किया। जवानों ने तालमेल बिठाकर एंबुलेंस को स्टेशन के मुख्य एग्जिट गेट के पास पहले से ही तैयार खड़ा करवा लिया था। पुलिसकर्मियों ने घायल हरिओम को स्ट्रेचर पर लिटाया और बेहद सावधानी के साथ भीड़ के बीच से निकालते हुए मुख्य मार्ग से एंबुलेंस में शिफ्ट कराया। इसके बाद गंभीर रूप से घायल युवक को शहर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज व शासकीय चिकित्सालय के लिए रवाना किया गया, जहां आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों की विशेष टीम उसका इलाज कर रही है। इस घटना के बाद जबलपुर और शहडोल स्थित युवक के परिजनों को भी पुलिस द्वारा सूचित कर दिया गया है।

Latest news

Related news