Prateek Yadav Postmortem Report : उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और फिटनेस एक्सपर्ट प्रतीक यादव के निधन ने सबको चौंका दिया है. कम उम्र में हुई इस मौत को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, जिस पर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने काफी हद तक स्थिति स्पष्ट कर दी है.
प्रतीक यादव की पीएम रिपोर्ट में खुलासा- शरीर में खून का थक्का बनने के बाद हालत बिगड़ी, कार्डियक अरेस्ट से मौत। निचले हिस्से से खून का थक्का ऊपरी हिस्से तक पहुंचा, जिससे आर्टरी और फेफड़ों में संक्रमण हुआ।#prateekyadav #प्रतीक #प्रतीकयादव #aparnayadav #अपर्णा… https://t.co/YQdo9qzPKc pic.twitter.com/TAPy1XORh5
— SANJAY TRIPATHI (@sanjayjourno) May 13, 2026
Prateek Yadav Postmortem Report में क्या मिला?
लखनऊ के केजीएमयू (KGMU) में तीन डॉक्टरों के पैनल ने प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम किया. रिपोर्ट के मुताबिक, उनके शरीर पर चोट या संघर्ष का कोई भी निशान नहीं पाया गया है. डॉक्टरों ने किसी भी तरह की बाहरी चोट की बात को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे शुरुआती तौर पर ‘साजिश’ के दावों पर विराम लगता दिख रहा है.
#WATCH | Lucknow, UP: Dr Ruchita Sharma, Associate Director, Department of Medicine says, “We received news regarding the passing away of Prateek Yadav, and we are deeply saddened by this loss. He was a long-standing patient of ours; I had been treating him for quite some time… pic.twitter.com/Q1LfOghIcp
— ANI (@ANI) May 13, 2026
हार्ट और बिसरा रखा गया सुरक्षित
हालांकि, पोस्टमार्टम के बावजूद मौत की सटीक वजह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है. प्रतीक यादव के बढ़ते वजन और प्राथमिक लक्षणों को देखते हुए डॉक्टरों ने उनके हार्ट (Heart) को सुरक्षित रख लिया है. इसके साथ ही, किसी भी तरह के जहर या अन्य तत्वों की जांच के लिए बिसरा (Viscera) भी सुरक्षित रखा गया है, जिसे फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा.
अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने ‘सस्पेक्टेड पॉइजनिंग’ (जहर की आशंका) की खबरों का खंडन किया है. उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे जब मेडिकल टीम उनके घर पहुंची थी, तब प्रतीक के शरीर में कोई हलचल नहीं थी. अस्पताल लाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. परिजनों की इच्छा पर ही पुलिस पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया गया.
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वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच हुआ पोस्टमार्टम
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डॉ. मौसमी सिंह के नेतृत्व में डॉक्टरों के पैनल ने पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई. इस पैनल में फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अनूप कुमार और डॉ. फातिमा भी शामिल रहीं. फिलहाल, विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के अंतिम कारणों का खुलासा हो सकेगा.

