UP Cabinet Expansion : उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. रविवार को लखनऊ स्थित जनभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल 8 नेताओं को नई जिम्मेदारी सौंपी गई.
इस विस्तार में 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जबकि 2 नेताओं को प्रमोशन देकर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. माना जा रहा है कि यह फैसला चुनावी रणनीति और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर लिया गया है.
#WATCH | Lucknow: BJP leaders Ajit Pal, Somendra Tomar, Krishna Paswan, Kailash Singh Rajput, Surendra Diler and Hansraj Vishwakarma took oath as ministers in the Uttar Pradesh government pic.twitter.com/B6OJCVrAyn
— ANI (@ANI) May 10, 2026
UP Cabinet Expansion:इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
शपथ लेने वाले नेताओं में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अजीत पाल, सोमेंद्र तोमर, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत शामिल हैं. इनमें हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है. वहीं अन्य नेताओं को कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ
लखनऊ के जनभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने सभी नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई. समारोह में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता, सांसद, विधायक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे. शपथ ग्रहण के दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला. कई जिलों में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया.
चुनावी रणनीति के तहत हुआ विस्तार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी सरकार का यह मंत्रिमंडल विस्तार पूरी तरह आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है.
बीजेपी ने इस विस्तार के जरिए पिछड़ा वर्ग, दलित समाज और क्षेत्रीय समुदायों को साधने की कोशिश की है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और पूर्वांचल के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक संतुलन साधा गया है.
संगठन और सरकार के तालमेल पर फोकस
भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे जैसे नेताओं को शामिल कर बीजेपी ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का संकेत दिया है.
यह संदेश भी देने की कोशिश की गई है कि सरकार और संगठन एकजुट होकर चुनावी तैयारी में जुटे हैं.
बीजेपी की चुनावी तैयारी का हिस्सा
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में सरकार विकास कार्यों की रफ्तार और तेज करेगी. साथ ही संगठन को भी बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा.
माना जा रहा है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बड़ी राजनीतिक तैयारी का हिस्सा है. पार्टी इस कदम के जरिए प्रदेश के विभिन्न वर्गों में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है.

