Suvendu Adhikari New Move : भगवा पटका और जय श्री राम के नारे लगा कर आखिरकार पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सरकार बना तो ली है लेकिन मुख्यमंत्री बनते ही शुभेंदु अधिकारी के तेवर बदलने लगे हैं. अब तक कट्टर छवि लेकर चुनाव लड़ रहे अधिकारी ने सत्ता संभालते ही अपनी छवि एक समावेशी नेता के रूप में पेश करने की कोशिश शुरू कर दी है.
VIDEO | Kolkata: West Bengal CM Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) sings a song in front of media after paying tribute at Jorasanko Thakurbari.
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— Press Trust of India (@PTI_News) May 9, 2026
Suvendu Adhikari New Move: जोरासांको ठाकुरबाड़ी में समर्थकों को टोका
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ ही मिनट बाद शुभेंदु अधिकारी रवींद्रनाथ टैगोर की 166वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने उनके पैतृक निवास ‘जोरासांको ठाकुरबाड़ी’ पहुंचे. जब मुख्यमंत्री वहां बोल रहे थे, तब परिसर में मौजूद भारी भीड़ ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए. इस पर शुभेंदु ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कार्यकर्ताओं को चुप कराते हुए कहा, “यह ‘जय श्री राम’ बोलने की जगह नहीं है, यहाँ सिर्फ ‘कविगुरु’ का नाम लिया जाता है.”
“अब मैं सबका मुख्यमंत्री हूँ”
शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव और राजनीतिक खींचतान का समय अब खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा, “मैं कोई भी विवादित टिप्पणी नहीं करूँगा. मैं मुख्यमंत्री हूँ और अब मैं सबका हूँ. बंगाल की शिक्षा और संस्कृति को पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है. आइए, हम सब मिलकर बंगाल का पुनर्निर्माण करें.”
जमीन पर माथा टेककर गुरुदेव को किया नमन
ब्रिगेड परेड ग्राउंड से सीधे ठाकुरबाड़ी पहुंचे मुख्यमंत्री ने बंगाली अस्मिता और संस्कृति के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया. उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा के सामने घुटने टेककर अपना माथा जमीन से छुआ. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल और बंगाली संस्कृति को गुरुदेव की चेतना और आदर्शों से ही दिशा मिलनी चाहिए.
अपनी पुरानी यूनिवर्सिटी पहुंचे शुभेंदु
ठाकुरबाड़ी के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री पास ही स्थित रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (RBU) के परिसर में भी गए. बता दें कि शुभेंदु अधिकारी इसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं और यहीं से उन्होंने पर्यावरण अध्ययन में मास्टर डिग्री हासिल की थी. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुरोध पर उन्होंने वहां कुछ समय बिताया, कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी से मुलाकात की और काली चाय के साथ ‘निमकी’ का लुत्फ उठाया.
ऐतिहासिक जीत के बाद बड़ी चुनौतियां
स्वतंत्रता के बाद यह पहला मौका है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी है. मुख्यमंत्री ने पदभार संभालते ही संकेत दे दिए हैं कि उनकी प्राथमिकता राजनीतिक नारेबाजी के बजाय राज्य की खोई हुई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाना और विकास की पटरी पर आगे बढ़ना है. उन्होंने कहा, “आगे बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं और हम सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे.”

