Mayawati Meeting Lucknow : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव ( UP Election 2027) को लेकर सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा नोएडा में PDA रैली के जरिए चुनावी शंखनाद करने के ठीक बाद अब बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती ने भी मोर्चा संभाल लिया है.
Mayawati Meeting Lucknow:मंगलवार को लखनऊ में ‘महामंथन’
मायावती ने कल, यानी मंगलवार (31 मार्च) को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक में न केवल आगामी चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी, बल्कि मायावती संगठन की जमीनी हकीकत की भी समीक्षा करेंगी. इस बैठक में पूरे उत्तर प्रदेश के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारी (जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक) शामिल होंगे.
बैठक के मुख्य एजेंडे
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बूथ स्तर की मजबूती: कार्यकर्ताओं से बूथ कमेटियों की वर्तमान स्थिति और अब तक के टारगेट की रिपोर्ट ली जाएगी.बैठक में संगठन की जमीनी मजबूती, जनाधार बढ़ाने, आर्थिक सहयोग और पार्टी विस्तार पर चर्चा होगी.
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आर्थिक समीक्षा: पार्टी की आर्थिक स्थिति और सर्व समाज में जनाधार बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी.
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आंबेडकर जयंती: आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की योजना तैयार की जाएगी.
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विपक्ष को जवाब: जेवर एयरपोर्ट को लेकर हाल ही में हुए दावों-प्रतिदावों के बीच मायावती अपने कार्यकर्ताओं को नए दिशा-निर्देश दे सकती हैं. बताया जा रहा है कि मायावती कार्यकर्ताओं को निर्देश देंगी और भविष्य की रणनीति पर बड़े फैसले ले सकती हैं.
यूपी में बढ़ा सियासी तापमान
गौरतलब है कि 28 मार्च को पीएम मोदी की नोएडा रैली और 29 मार्च को अखिलेश यादव की PDA रैली के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में अचानक तेजी आई है. मायावती ने सोशल मीडिया पर जेवर एयरपोर्ट का श्रेय अपनी सरकार को देकर पहले ही इरादे साफ कर दिए थे. अब संगठन की इस बड़ी बैठक को ‘मिशन 2027’ की आधिकारिक तैयारी माना जा रहा है. अब बीएसपी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की जुटान को लेकर माना जा रहा है कि सुश्री मायावती 2027 के चुनाव के लिए अकेले चुनाव लड़ने की अपनी पुरानी नीति (“एकला चलो”) पर जोर देगी. मायावती पहले भी कई बार साफ कर चुकी हैं कि BSP किसी गठबंधन में नहीं जाएगी और सभी 403 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी.

