सोमवार को रुपये फिर से गोता खा गया. इस बार रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया, मतलब 1 डॉलर की कीमत हुआ 95 रुपये पार कर गई है. इसके साथ ही बॉन्ड यील्ड भी जुलाई 2024 के बाद पहली बार 7% के पार चली गई.
जिसका मतलब है रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के बैंकों की फॉरेक्स पोजीशन को सीमित करने के कदम का करेंसी मार्केट पर बहुत कम असर पड़ाता दिख रहा है.
हलांकि इस सबके बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण Nirmala Sitharaman ने लोकसभा में कहा कि “रुपया ठीक चल रही है.”
डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ 95.20 पर, Nirmala Sitharaman बोली-सब ठीक
रुपया 95/डॉलर के लेवल को पार कर 95.20 पर आ गया—जो एक दिन में 0.3% की गिरवाट है. आपको बता दें, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की चिंताओं ने स्टॉक मार्केट को FY21 के बाद सबसे खराब फिस्कल परफॉर्मेंस की ओर बढ़ाया.
“BJP की बेशर्मी देखिए”-रुपये की गिरवाट पर बोली कांग्रेस
वहीं रुपये की गिरावट पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा घेरे जाने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि “हमारा रुपया ठीक चल रही है.” वित्त मंत्री के जवाब और 2013 में रुपये की गिरावट को लेकर दिए उनके एक बयान को पोस्ट करते हुए कांग्रेस ने लिखा, “BJP की बेशर्मी देखिए”
BJP की बेशर्मी देखिए 👇 pic.twitter.com/bsmuBL7XKY
— Congress (@INCIndia) March 30, 2026
“रुपया गिरता है तो प्रधानमंत्री की साख गिरती है”
वहीं , समाजवादी पार्टी की ओर से रुपये की गिरावट पर सवाल पूछते हुए सांसद धर्मेंद्र यादव ने याद दिलाया की पीएम मोदी ने 2013 में कहा था कि “रुपया गिरता है तो प्रधानमंत्री की साख गिरती है”. इस पर स्वीकर ओम बिरला ने उन्हें टोका तो धर्मेंद्र यादव नाराज़ हो गए.
लोकसभा में आजमगढ़ से सपा सांसद श्री धर्मेन्द्र यादव जी ने अपनी बात रखी। pic.twitter.com/UKvfCRD7dx
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) March 30, 2026
बॉन्ड यील्ड 10 साल के हाई पर
वासे सिर्फ रुपया ही नहीं, 10-साल का बॉन्ड यील्ड 7.0121% के हाई पर पहुंच गया—जो 5 जुलाई 2024 के बाद सबसे ज़्यादा है, और पिछले सेशन के 6.9419% के क्लोज से ज़्यादा है.
बॉन्ड यील्ड क्या है
बॉन्ड यील्ड किसी बॉन्ड में निवेश की गई पूंजी पर मिलने वाला वार्षिक रिटर्न (प्रतिफल) है, जिसे आमतौर पर प्रतिशत (%) में दर्शाया जाता है. यह निवेशक को बताता है कि बॉन्ड की वर्तमान बाजार कीमत के मुकाबले उसे कितनी ब्याज आय (कूपन) मिल रही है. बॉन्ड की कीमत और यील्ड विपरीत दिशा में चलते हैं; यदि कीमत गिरती है, तो यील्ड बढ़ती है.
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