Tuesday, March 3, 2026

National Herald Case: ‘पीएम मोदी, अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए’- मल्लिकार्जुन खड़गे

National Herald Case: कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार सुबह भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और कहा कि मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को “इस्तीफा” दे देना चाहिए.

चार्जशीट में सोनिया और राहुल गांधी का नाम था

बुधवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि नेशनल हेराल्ड केस का मकसद गांधी परिवार को परेशान करना है और इसे राजनीतिक बदले की भावना से दायर किया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “कोर्ट का यह फैसला नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मुंह पर तमाचा है. उन्हें यह कहते हुए इस्तीफा देना चाहिए कि भविष्य में वे लोगों को परेशान नहीं करेंगे.”
उन्होंने कहा, नेशनल हेराल्ड केस को “झूठा” बताते हुए खड़गे ने कहा कि इसे “राजनीतिक बदले” और “बुरी भावना” से आगे बढ़ाया गया है.

सरकार “राजनीतिक फायदे” के लिए ED मामलों का इस्तेमाल कर रही है

उन्होंने कहा, “यह अखबार 1938 में स्वतंत्रता सेनानियों ने शुरू किया था, जिसे अब बीजेपी सरकार मनी लॉन्ड्रिंग जैसी चीजों से जोड़कर बदनाम करने की कोशिश कर रही है.”
उन्होंने आगे कहा, “सच तो यह है कि इस मामले में कुछ भी नहीं है, लेकिन फिर भी, बीजेपी कांग्रेस पार्टी के नेताओं को परेशान करने के लिए इसे एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है.”
खड़गे ने उन आरोपों को भी दोहराया कि मौजूदा सरकार “राजनीतिक फायदे” के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए ED मामलों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन कोर्ट के हाल के फैसले से “फैसला न्याय के पक्ष में आया है”. उन्होंने कहा, “सच्चाई की जीत हुई है. हम इस फैसले का दिल से स्वागत करते हैं.”

National Herald Case में कोर्ट ने क्या कहा

मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए, दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कहा कि कानून के तहत चार्जशीट का न्यायिक संज्ञान लेना और गांधी परिवार को समन भेजना गलत है.
इसमें यह भी कहा गया कि ED का मामला एक तरफ़ दूसरी लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की एकतरफ़ा हद से ज़्यादा दखलअंदाज़ी और दूसरी तरफ़ “PMLA की स्कीम को ही गलत तरीके से आगे बढ़ाने” को दिखाता है.
राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा, “क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से जुड़ी यह मौजूदा प्रॉसिक्यूशन शिकायत किसी FIR पर नहीं, बल्कि एक आम आदमी डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा सेक्शन 200 CrPC के तहत दायर शिकायत पर संज्ञान और समन ऑर्डर पर आधारित है, इसलिए कानून के मुताबिक इस शिकायत पर संज्ञान लेना गलत है.”

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