NEET- Re Exam Ajmer : राजस्थान के अजमेर में आयोजित NEET Re Exam के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर बुर्का और हिजाब पहनकर पहुंची छात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया. मामला उस समय सामने आया जब केंद्र प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान छात्रा के बुर्के को लेकर आपत्ति जताई. हालांकि बाद में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की गाइडलाइंस के अनुसार जांच और बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा होने के बाद छात्रा को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी गई.
#WATCH | Ajmer, Rajasthan: A Burqa-wearing candidate was allegedly denied entry at a medical entrance exam centre ahead of the NEET examination today.
A candidate, named Kulsum Bano, says, “I have come from Beawar to take the NEET exam. When I took the exam on May 3rd, I was in… pic.twitter.com/3TVNnYk52n
— ANI (@ANI) June 21, 2026
NEET- Re Exam Ajmer:सावित्री गर्ल्स स्कूल केंद्र पर हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, अजमेर के सावित्री गर्ल्स स्कूल स्थित RE-NEET परीक्षा केंद्र पर ब्यावर की रहने वाली अभ्यर्थी उम्मे कुलसुम परीक्षा देने पहुंची थीं. छात्रा बुर्का और हिजाब पहनकर केंद्र पर पहुंची, जहां प्रवेश के दौरान केंद्र प्रशासन द्वारा सुरक्षा जांच के तहत आपत्ति जताई गई.
इस पर छात्रा और उसके परिजनों ने नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वे NTA के सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं,लेकिन धार्मिक पहचान से जुड़े परिधान को हटाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता.
छात्रा बोली- बुर्का मेरी पहचान है
अभ्यर्थी उम्मे कुलसुम ने कहा कि NTA की गाइडलाइंस में स्पष्ट रूप से धार्मिक परिधान पहनने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रावधान किया गया है. उन्होंने कहा कि नियम संख्या 8 के अनुसार ऐसे अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले पहुंचकर जांच प्रक्रिया पूरी करनी होती है.
छात्रा ने कहा, “बुर्का मेरी पहचान है. हमने समय से पहले पहुंचकर सभी नियमों का पालन किया और जांच में भी पूरा सहयोग दिया. इसके बावजूद हमें रोका जा रहा था, जिससे हमें परेशानी हुई.”
पिता ने भी उठाए सवाल
छात्रा के पिता मोहम्मद आलिम ने भी केंद्र प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पहले भी दो बार इसी प्रकार के परिधान में परीक्षा दे चुकी है और तब किसी तरह की समस्या नहीं हुई थी.
उन्होंने कहा, “जब NTA की ओर से धार्मिक परिधान पहनने की अनुमति दी गई है तो परीक्षा केंद्र पर अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं? हम पूरी सुरक्षा जांच के लिए तैयार हैं, लेकिन बच्ची बुर्का हटाकर परीक्षा नहीं देगी.”
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
विवाद बढ़ता देख केंद्र प्रशासन और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया. अधिकारियों ने छात्रा और उसके परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया.
इसके बाद NTA के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार छात्रा की विस्तृत सुरक्षा जांच, फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उसे परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश दे दिया गया.
जिला कलेक्टर ने दी जानकारी
अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु ने बताया कि जिले के सभी 15 परीक्षा केंद्रों पर RE-NEET परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित की जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार और NTA के निर्देशों का पूरी तरह पालन कराया जा रहा है.
कलेक्टर के अनुसार, सभी अभ्यर्थियों की पहचान सत्यापित करने के लिए सुरक्षा जांच, फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य है. वैध प्रवेश पत्र और निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने दिया जा रहा है.
NTA गाइडलाइंस में धार्मिक परिधान को लेकर क्या है नियम?
NTA की परीक्षा गाइडलाइंस के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी धार्मिक परंपराओं के तहत विशेष परिधान पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचता है तो उसे निर्धारित समय से पहले रिपोर्ट करना होता है. इससे सुरक्षा जांच और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके.
गाइडलाइंस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देकर जांच की जा सकती है, ताकि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
परीक्षा केंद्र पर स्थिति सामान्य
विवाद के बाद परीक्षा केंद्र पर स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई. प्रशासन की मध्यस्थता और नियमों के अनुसार जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रा शांतिपूर्वक परीक्षा में शामिल हुई. अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा का आयोजन बिना किसी अन्य व्यवधान के जारी रहा.
RE-NEET परीक्षा के दौरान सामने आया यह मामला एक बार फिर परीक्षा केंद्रों पर धार्मिक परिधान और सुरक्षा नियमों के संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है. हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अभ्यर्थियों के साथ नियमों के अनुसार समान व्यवहार किया जा रहा है.

