NEET विवाद पर सियासत तेज, टीकाराम जूली ने कहा- छात्र इस अन्याय को याद रखेंगे

अलवर: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पेपर लीक मामलों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री के फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों पर तेजी से कार्रवाई करने वाले बयान पर सवाल उठाते हुए जूली ने पूछा कि जब बीते 12 सालों में देश भर में करीब 150 पेपर लीक के मामले सामने आए, तब सरकार को त्वरित अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) की याद क्यों नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल बयानबाजी कर रही है, जबकि लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

कांग्रेस सरकार ने बनाया देश का सबसे कड़ा कानून

टीकाराम जूली ने दावा किया कि राजस्थान की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए देश का सबसे सख्त कानून बनाया था। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने 10 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने और 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान किया था। इसके अलावा दोषी सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने का कड़ा नियम लागू किया गया था। इसकी तुलना में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया कानून काफी कमजोर है, जिसमें केवल 1 लाख से 10 लाख का जुर्माना और 1 से 10 साल की सजा तय की गई है।

NTA अधिकारियों की जांच और छात्रों पर अत्याचार का आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने मांग की है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों की गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है और आंदोलनकारी छात्राओं से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार छात्रों पर अत्याचार कर रही है, देश का युवा उसे उखाड़ फेंकने का काम करेगा।

विदेशी फंडिंग के आरोपों पर सार्वजनिक सबूत देने की मांग

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लगाए गए विदेशी फंडिंग के आरोपों पर पलटवार करते हुए जूली ने कहा कि अगर सरकार के पास इसके पुख्ता सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास ऐसी खुफिया जानकारी थी, तो अब तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने मांग की कि सरकार केवल अनर्गल आरोप लगाने के बजाय पेपर लीक के असल मास्टरमाइंडों पर सख्त कार्रवाई कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करे।

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