नई दिल्ली। लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस अपनी धर्मपत्नी युवरानी सोफी के साथ मंगलवार को भारत की राजकीय यात्रा के क्रम में राष्ट्रपति भवन पहुंचे, जहां उनका गरिमामय और औपचारिक स्वागत किया गया। इस भव्य स्वागत समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। औपचारिक समारोह के आयोजन से पूर्व विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति भवन पहुंचकर गणमान्य अतिथियों का अभिवादन किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, युवराज एलोइस की यह महत्वपूर्ण यात्रा भारत और लिकटेंस्टाइन के मध्य स्थापित द्विपक्षीय और व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई और गति प्रदान करेगी।
मुंबई और वडोदरा के सफल दौरे के पश्चात नई दिल्ली पहुंचे युवराज
युवराज एलोइस अपनी पत्नी और एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार को भारत पहुंचे थे। उनके इस दल में लिकटेंस्टाइन के उद्योग जगत के कई प्रमुख कारोबारी प्रतिनिधि भी शामिल हैं। अपनी यात्रा के पहले चरण में मुंबई पहुंचने के उपरांत वे गुजरात के वडोदरा शहर का दौरा करने गए थे। वडोदरा में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के पश्चात युवराज नई दिल्ली के हवाई अड्डे पहुंचे, जहां केंद्र सरकार के मंत्री जयंत चौधरी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
राजघाट पर श्रद्धांजलि, प्रधानमंत्री संग द्विपक्षीय वार्ता और प्रमुख मंत्रियों से मुलाकात
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत की रस्म पूरी होने के बाद युवराज एलोइस के तय कार्यक्रमों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित करना शामिल रहा। इसके उपरांत वे हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे। अपनी इस व्यस्त यात्रा के दौरान युवराज भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी से भी अलग-अलग बैठकों में मुलाकात करेंगे।
ईएफटीए समझौते के परिप्रेक्ष्य में आर्थिक व कूटनीतिक सहयोग बढ़ाने पर ध्यान
युवराज की इस राजकीय यात्रा का मुख्य ध्येय दोनों राष्ट्रों के बीच कूटनीतिक, औद्योगिक और व्यापारिक रिश्तों को अधिक प्रगाढ़ बनाना है। भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के मध्य वर्ष 2025 में क्रियान्वित हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के बाद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नया आधार मिला है। भारत और लिकटेंस्टाइन ने वर्ष 1993 में अपने औपचारिक राजनयिक संबंधों की शुरुआत की थी। इससे पूर्व युवराज एलोइस फरवरी 2026 में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने हेतु नई दिल्ली आ चुके हैं, तथा वे वर्ष 2010 और 2018 में भी भारत का दौरा कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, युवराज की यह राजकीय यात्रा बुधवार को संपन्न होगी, जिसके पश्चात वे अपने देश के लिए प्रस्थान करेंगे।

