मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोपों पर घमासान, राहुल गांधी समेत 8 नेताओं ने कोर्ट में लगाई गुहार

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका और विपक्षी नेताओं का मार्च

विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने कथित 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दाखिल की गई, जिसमें प्रमुख रूप से मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सौगत रॉय, अखिलेश यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, संजय राउत, एम. ए. बेबी और डी. राजा समेत 8 याचिकाकर्ताओं के नाम शामिल हैं। याचिका में मांग की गई है कि इस पूरी प्रक्रिया और बड़े पैमाने पर हुए नामों के विलोपन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर कदम

इससे पहले राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश (CJI) से मिलकर ज्ञापन सौंपने का समय मांगा था। हालांकि, इसी विषय से जुड़े मामले पहले से अदालत में लंबित होने के कारण सीजेआई ने मुलाकात से इनकार करते हुए याचिका दाखिल करने की सलाह दी थी। इस याचिका पर अन्य संबंधित मामलों के साथ आगे की सुनवाई निर्धारित की गई है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखे हमले

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान के जरिए सोची-समझी रणनीति के तहत पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में चुनाव से पहले इस प्रकार की प्रशासनिक अनियमितताएं लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बड़ा खतरा हैं, और इसी के विरोध में जनता और विपक्ष सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं।

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