तिरुवनंतपुरम| केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन से राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से त्यागपत्र देने की पुरजोर मांग की है। भाजपा ने यह कदम कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हालिया कड़ी कार्रवाई का हवाला देते हुए उठाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि विपक्ष का मूल दायित्व सरकार को जनहित में जवाबदेह बनाना है, न कि अपने शीर्ष नेता पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का बचाव करना।
विपक्ष की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी पर असर: भाजपा
राजीव चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि भाजपा और एनडीए भी राज्य में विपक्ष की अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विजयन पर लगे संगीन आरोपों के कारण पूरे विपक्षी दल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में विपक्ष का मुख्य कार्य मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और उनकी सरकार की खामियों को उजागर करना, नीतिगत सवाल पूछना तथा कांग्रेस-लीग सरकार को जनहित के वादे पूरे करने के लिए विवश करना है। चंद्रशेखर के अनुसार, राज्य के हितों की रक्षा के लिए विजयन को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
ईडी की कार्रवाई: एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस प्रमुख को पत्र
भाजपा की यह तीखी प्रतिक्रिया ईडी द्वारा केरल पुलिस प्रमुख को भेजे गए उस आधिकारिक पत्र के बाद आई है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा, दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सीएमआरएल मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का अनुरोध किया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि खनन फर्म सीएमआरएल ने परामर्श सेवाओं के फर्जी नाम पर वीणा की अब बंद हो चुकी कंपनी 'एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस' को 2.78 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए।
तलाशी, पूछताछ और राजनीतिक पलटवार
प्रवर्तन निदेशालय ने जून माह में वीणा से जुड़े विभिन्न परिसरों पर छापेमारी की थी और तत्पश्चात उनसे विस्तृत पूछताछ भी की। एजेंसी के अनुसार, अगस्त में मिली लिखित सामग्रियों से कुछ धनराशि विदेशी खातों में भेजे जाने के संकेत मिले हैं। दूसरी ओर, पी. ए. मोहम्मद रियास और माकपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे इस कानूनी व राजनीतिक कार्रवाई का मजबूती से सामना करेंगे, जबकि विजयन ने ईडी की इस पूरी प्रक्रिया को दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित करार दिया है।

