जमुई मामले ने बढ़ाई बिहार की सियासी गर्मी, सम्राट चौधरी के इस्तीफे की उठी मांग

पटना। बिहार के जमुई जिले में दो नाबालिगों के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना ने अब सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। 19 सितंबर की इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जहां एक ओर कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है, वहीं मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। हालांकि, इस घटना को लेकर अब विपक्ष पूरी तरह आक्रामक हो गया है और मुख्यमंत्री पर पुराने बयानों को लेकर चौतरफा दबाव बढ़ गया है।

मुख्यमंत्री के पुराने बयान पर छिड़ा सियासी घमासान

जमुई की इस वीभत्स घटना के तूल पकड़ने के बाद विपक्षी दल लगातार मुख्यमंत्री के पुराने बयानों का वीडियो शेयर कर उनसे तीखे सवाल पूछ रहे हैं। दरअसल, जब वह उपमुख्यमंत्री के पद पर थे, तब एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया था कि यदि रात के वक्त कोई महिला या लड़की घर से बाहर निकले और कोई उसे गलत नीयत से छू भी ले, तो वह अगली सुबह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

अब जमुई में हुई इस शर्मनाक वारदात के बाद कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर समेत तमाम बड़े नेता इसी बयान को हथियार बनाकर सरकार को घेर रहे हैं।

रोहिणी आचार्य और प्रशांत किशोर समेत विपक्ष की इस्तीफे की मांग

आरजेडी नेत्री रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री पर जोरदार हमला बोलते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई है। उन्होंने सवाल किया कि जब वे खुद ऐसी घटनाओं पर कुर्सी छोड़ने की बात कह चुके हैं, तो आज वे अपने उस बयान से पीछे क्यों हट रहे हैं?

वहीं, रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने भी मुख्यमंत्री को उनके पुराने वचनों की याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें अपनी कही हुई बात पर नैतिक रूप से कायम रहना चाहिए। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने भी इस गंभीर मामले पर गहरी चिंता जताते हुए राज्य सरकार से महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल किए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और एसआईटी का गठन

राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस प्रशासन इस मामले की तह तक जाने के लिए लगातार दबिश दे रहा है। वायरल वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष व गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस घटना के बाद से बिहार की राजनीतिक गलियारों में तापमान काफी बढ़ गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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