पश्चिम बंगाल में गंगा नदी में हादसा, प्रतिमा विसर्जन के बाद ढांचा निकालते समय भाजपा नेता की मौत

कोलकाता। दुर्गापूजा के महानवमी व विजयादशमी के उपरांत प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुगली जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहाँ गंगा नदी से देवी प्रतिमाओं का ढांचा निकालते समय भारतीय जनता पार्टी के एक स्थानीय नेता की असामयिक मौत हो गई। मृतक की पहचान 61 वर्षीय गौरी साहानी के रूप में की गई है, जो भद्रेश्वर क्षेत्र में भाजपा के स्थानीय शक्ति केंद्र प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

प्रतिमा का ढांचा निकालते समय गाद में फंसने से हुआ हादसा

प्राप्त विवरण के अनुसार, विजयादशमी की रात श्रीमणि घाट पर प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया चल रही थी। विसर्जन संपन्न होने के बाद गौरी साहानी घाट से लगभग सौ मीटर दूर गंगा नदी में उतरकर तैर रहे लकड़ी के ढांचे (कटहा) को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे थे। उसी समय नदी में भाटा चल रहा था, जिसके चलते जलस्तर तेजी से कम हो रहा था और किनारे पर भारी गाद जमा हो गई थी। ढांचे को खींचने के दौरान वे गहरे कीचड़ व गाद में बुरी तरह फंस गए और काफी कोशिशों के बावजूद बाहर नहीं निकल सके, जिससे नदी के भीतर ही उनकी स्थिति बिगड़ने लगी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत और पुलिस जांच जारी

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने जब उन्हें दलदल में फंसे देखा तो तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है, वहीं स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

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