कीव: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध अब एक नए और बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार घातक ड्रोन हमले कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पर्दे के पीछे चल रही बड़ी कूटनीति (डिप्लोमेसी) का भी पहली बार आधिकारिक तौर पर खुलासा हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि रूसी अरबपति और मशहूर फुटबॉल क्लब 'चेल्सी' के पूर्व मालिक रोमन अब्रामोविच दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के लिए मध्यस्थ (बिचौलिए) की भूमिका निभा रहे हैं। जेलेंस्की ने बताया कि अब्रामोविच हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक गोपनीय संदेश लेकर यूक्रेन की राजधानी कीव आए थे, ताकि यह समझा जा सके कि यूक्रेन शांति समझौते के लिए किस हद तक और क्या करने को तैयार है।
पुतिन का संदेश और जेलेंस्की की दो टूक
इस गुप्त मुलाकात के दौरान रोमन अब्रामोविच ने जेलेंस्की के सामने दोनों देशों के बीच बातचीत का एक ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव रखा था। इस पर जेलेंस्की ने भी दो टूक शब्दों में अपना संदेश पुतिन तक पहुंचाने को कहा। जेलेंस्की ने साफ कर दिया कि यूक्रेन किसी भी कीमत पर अपने पूर्वी डोनबास क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा, जिसके कुछ हिस्सों पर वर्तमान में रूस का अवैध कब्जा है। जेलेंस्की ने कहा कि उनका संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—वे पुतिन से बातचीत करने के लिए हमेशा तैयार हैं। यह मुलाकात रूस और बेलारूस को छोड़कर दुनिया के किसी भी स्थान पर हो सकती है, चाहे यह बैठक केवल दोनों देशों के बीच हो या फिर इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय देशों के नेता शामिल हों। हालांकि, जेलेंस्की ने शर्त रखी है कि किसी भी समझौते या कूटनीतिक समझौते से पहले रूस को पूरी तरह युद्धविराम (सीजफायर) करना होगा।
ड्रोन हमलों से दहला तेल संयंत्र और हवाई रक्षा प्रणाली
पर्दे के पीछे चल रही इस बातचीत के बीच जमीन पर जंग और तेज हो गई है। यूक्रेन ने रूस के भीतर और रूसी कब्जे वाले इलाकों में मौजूद तेल ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोनों की झड़ी लगा दी है। यूक्रेन के जनरल स्टाफ के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रातभर रूस के क्रास्नोदार क्राई क्षेत्र में बड़ा हमला किया, जिससे नोवोरोस्सियस्क के पास स्थित ग्रुशोवाया तेल ट्रांसशिपमेंट बेस में भीषण आग लग गई। इसके अलावा वोल्गोग्राद क्षेत्र में स्थित क्रास्नी यार के एक अन्य संयंत्र को भी निशाना बनाया गया। इस बीच तेल और ईंधन के इस बड़े संकट को लेकर क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस आपात स्थिति से निपटने के उपायों पर लगातार काम कर रही हैं।
दूसरी तरफ, रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनकी सेनाओं ने सोमवार को आसमान में यूक्रेन के 310 ड्रोनों को मार गिराया। इनमें मॉस्को क्षेत्र, पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी रूस के साथ-साथ रूसी-अधिकृत क्रीमिया, काला सागर और आजोव सागर के ऊपर मंडरा रहे ड्रोन शामिल थे। रूसी वायु सेना ने यह भी बताया कि उन्होंने खुद 155 ड्रोनों का इस्तेमाल कर यूक्रेन के ठिकानों पर हमला किया, जिनमें से यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने 124 ड्रोनों को हवा में ही नष्ट या निष्क्रिय कर दिया।
रूस पर यूरोपीय संघ की नई पाबंदियों की तैयारी
इस पूरे सैन्य और कूटनीतिक घटनाक्रम के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रूस की घेराबंदी तेज हो गई है। यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति इकाई ने घोषणा की है कि वे रूस के खिलाफ बेहद कड़े और नए प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। इस नए प्रतिबंध प्रस्ताव में करीब 80 मुख्य बिंदु शामिल किए गए हैं। इनका मुख्य मकसद रूस के 'सैन्य औद्योगिक परिसर' (मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स), मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और रूसी प्रोपेगैंडा (प्रचार) फैलाने वाले तंत्र को आर्थिक रूप से पूरी तरह पंगु बनाना है।

