प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान कसारी-मसारी कब्रिस्तान के समीप महिलाओं का एक समूह देखा गया, जिसके बाद अतीक की फरार पत्नी शाइस्ता परवीन की मौजूदगी को लेकर अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, प्रयागराज पुलिस ने शाइस्ता की उपस्थिति से साफ तौर पर इनकार किया है।
कब्रिस्तान की दीवार के पास दिखीं संदिग्ध महिलाएं
आबान के अंतिम संस्कार के समय कब्रिस्तान के पिछले हिस्से में टूटी हुई दीवार के पास कई महिलाएं खड़ी पाई गईं। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जाने लगा कि पुलिस की कड़ी चौकसी के कारण शाइस्ता परवीन दूर से ही अपने बेटे को अंतिम विदाई देने पहुंची थीं। इस खबर के फैलते ही मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान उस ओर चला गया। मामले पर डीसीपी मनीष शांडिल्य ने स्पष्ट किया कि वहां कई नागरिक मौजूद थे, लेकिन आधिकारिक रूप से शाइस्ता परवीन की पहचान की पुष्टि नहीं हुई है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मशक्कत
जनाजे में आबान के भाइयों—उमर और अली—के पहुंचते ही भारी भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए स्थानीय मस्जिद के लाउडस्पीकर से बार-बार घोषणाएं की गईं, जिसमें लोगों से सुरक्षा घेरा न तोड़ने और वाहनों से दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई।
परिजनों के बीच एकांत में लंबी बातचीत
सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया के दौरान उमर और अली की बुआ परवीन कुरैशी तथा भाई अहज़म के बीच लगभग एक घंटे तक एकांत में बातचीत हुई। उस दौरान अन्य किसी को भी उनके समीप जाने की अनुमति नहीं थी। हालांकि, परिजनों के बीच हुई इस लंबी बातचीत के विवरण की जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

