Trump praises Modi : फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की है. दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में मोदी को “शांत, संयमित और जबरदस्त” नेता बताते हुए कहा कि वह स्वयं मोदी की तरह नहीं हैं.
Trump clings to Modi for support as he climbs a single small step at the G7 summit pic.twitter.com/3tiHtH6SY5
— FactPost (@factpostnews) June 16, 2026
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते, क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और H1-B वीजा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत चल रही है। ऐसे में ट्रंप की यह सार्वजनिक प्रशंसा केवल व्यक्तिगत सम्मान तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके पीछे महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत भी देखे जा रहे हैं।
Trump praises Modi : G7 में क्या बोले ट्रंप?
G7 सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं के साथ आयोजित वर्किंग लंच में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी की तरह शांत, संयमित और टोटल किलर नहीं हूं। जरा उन्हें देखिए।”
ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई. दोनों नेताओं ने बैठक से पहले गर्मजोशी से हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया. करीब 16 महीने बाद मोदी और ट्रंप की आमने-सामने मुलाकात हुई.
क्यों अहम है मोदी-ट्रंप मुलाकात?
भारत और अमेरिका के बीच यह बैठक कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है. इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा का मुद्दा भी एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल है.
हाल ही में एक समुद्री हमले में भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. G7 के एक सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने समुद्री व्यापार मार्गों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
ट्रंप पहले भी कई बार कर चुके हैं मोदी की तारीफ
डोनाल्ड ट्रंप का प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करना कोई नई बात नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में वह कई मौकों पर मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना कर चुके हैं.
1. ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम (2019)
अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित “Howdy Modi” कार्यक्रम में ट्रंप ने मोदी को भारत का महान नेता बताया था। उन्होंने कहा था कि मोदी ने भारत को एकजुट करने और विकास की नई दिशा देने का काम किया है।
2. ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम (2020)
अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में ट्रंप ने मोदी को बेहद लोकप्रिय और मजबूत नेता बताया था। उन्होंने कहा था कि मोदी को भारत के करोड़ों लोग प्यार करते हैं।
3. चुनावी रैलियों और इंटरव्यू में प्रशंसा
2024 और 2025 के दौरान भी ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि मोदी एक कठिन फैसले लेने वाले और मजबूत नेतृत्व वाले नेता हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका का भी उल्लेख किया था।
4. फरवरी 2025 की मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान ट्रंप ने उन्हें “महान मित्र” और “बेहतरीन वार्ताकार” बताया था। उस समय भी दोनों नेताओं के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई थी।
आखिर ट्रंप बार-बार मोदी की तारीफ क्यों करते हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ट्रंप की मोदी प्रशंसा के पीछे कई रणनीतिक कारण हो सकते हैं।
भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना
भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। अमेरिका चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता है। ऐसे में मोदी के साथ अच्छे व्यक्तिगत संबंध अमेरिका की विदेश नीति के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं।
व्यापारिक हित
भारत और अमेरिका के बीच अरबों डॉलर का व्यापार होता है। दोनों देशों के बीच संभावित ट्रेड डील पर बातचीत जारी है। ट्रंप अक्सर व्यक्तिगत रिश्तों को व्यापारिक समझौतों से जोड़कर देखते हैं, इसलिए सार्वजनिक प्रशंसा बातचीत के माहौल को सकारात्मक बनाने का प्रयास भी हो सकती है।
भारतीय-अमेरिकी मतदाताओं पर नजर
अमेरिका में भारतीय मूल के मतदाताओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मोदी की लोकप्रियता का सकारात्मक संदेश भारतीय-अमेरिकी समुदाय तक पहुंचाना भी ट्रंप की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
मजबूत नेताओं के प्रति झुकाव
ट्रंप का राजनीतिक इतिहास बताता है कि वह दुनिया भर के प्रभावशाली और मजबूत जनाधार वाले नेताओं की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करते रहे हैं. मोदी भी उन वैश्विक नेताओं में शामिल हैं जिनके साथ ट्रंप व्यक्तिगत तालमेल दिखाते रहे हैं.
आगे क्या निकल सकता है परिणाम?
G7 सम्मेलन में मोदी और ट्रंप की मुलाकात से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके अलावा रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना है.
हालांकि दोनों देशों के बीच टैरिफ और व्यापारिक असंतुलन जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, लेकिन ट्रंप की लगातार सकारात्मक टिप्पणियां यह संकेत देती हैं कि वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के इच्छुक हैं.

