इंटरनेशनल बेइज्जती के बाद पाक ने किया डैमेज कंट्रोल,शहबाज शरीफ ने 4 घंटे बाद पोस्ट की पूरी तस्वीर

Pakistan U-Turn नई दिल्ली: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे SCO Summit 2026 के दौरान पाकिस्तान की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की ग्रुप फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की, लेकिन इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कुछ अन्य नेताओं को क्रॉप कर दिया गया. इसके बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान PMO की जमकर फजीहत होने लगी.

Pakisatn PM SCO Meeting 1st Photo
Pakisatn PM SCO Meeting 1st Photo

मामला बढ़ता देख पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बाद में उसी कार्यक्रम की पूरी तस्वीर अपने X अकाउंट पर साझा कर दी. इस तरह एक ही SCO कार्यक्रम की दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गईं—एक में मोदी नजर नहीं आए और दूसरी में सभी राष्ट्राध्यक्ष मौजूद थे.

Pakistan U-Turn:पाकिस्तान PMO ने क्यों क्रॉप की SCO की तस्वीर?

1 सितंबर को SCO शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्राध्यक्षों का आधिकारिक ग्रुप फोटो सेशन हुआ. तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत सदस्य देशों के नेता मौजूद थे.

लेकिन पाकिस्तान PMO के आधिकारिक X अकाउंट से जो तस्वीर पोस्ट की गई, उसमें फोटो को दोनों तरफ से क्रॉप किया गया था. इससे प्रधानमंत्री मोदी के साथ ईरानी राष्ट्रपति और कुछ अन्य नेता भी तस्वीर से बाहर हो गए.

दिलचस्प बात यह रही कि क्रॉप किए गए फ्रेम में शहबाज शरीफ ज्यादा प्रमुख स्थिति में दिखाई दे रहे थे. इसी वजह से सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान की इस पोस्ट को महज सामान्य फोटो एडिटिंग न मानकर उस पर सवाल खड़े किए.

चार घंटे बाद शहबाज शरीफ ने पोस्ट की पूरी तस्वीर

पाकिस्तान PMO की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना तेज हो गई. कई यूजर्स ने मूल तस्वीर शेयर करते हुए पूछा कि आखिर पाकिस्तान के आधिकारिक अकाउंट ने प्रधानमंत्री मोदी समेत दूसरे नेताओं को तस्वीर से क्यों हटाया.

इसके कुछ घंटे बाद शहबाज शरीफ के निजी X अकाउंट से पूरी ग्रुप फोटो पोस्ट की गई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी नेता नजर आ रहे थे.

यानी जिस तस्वीर में पाकिस्तान PMO ने मोदी को फ्रेम से बाहर कर दिया था, उसी कार्यक्रम की पूरी तस्वीर बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के अकाउंट से सामने आ गई.

यहीं से इस पूरे घटनाक्रम को ‘डैमेज कंट्रोल’ के तौर पर देखा जाने लगा.

PM मोदी ने पहले ही शेयर कर दी थी पूरी तस्वीर

इस पूरे मामले में भारत की तरफ से अलग तस्वीर देखने को मिली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक X अकाउंट से SCO नेताओं की पूरी ग्रुप फोटो पहले ही शेयर कर दी गई थी. उसमें शहबाज शरीफ भी स्पष्ट रूप से नजर आ रहे थे.

इससे दोनों देशों की सोशल मीडिया पोस्ट के बीच सीधा अंतर सामने आ गया—भारत ने पूरी तस्वीर दिखाई, जबकि पाकिस्तान PMO की शुरुआती पोस्ट में कई नेता फ्रेम से बाहर थे.

यही अंतर सोशल मीडिया पर विवाद का सबसे बड़ा कारण बना.

सोशल मीडिया पर पाकिस्तान PMO की हुई ट्रोलिंग

तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान PMO को निशाने पर लेना शुरू कर दिया. कई यूजर्स ने इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बताया, जबकि कुछ ने इसे पाकिस्तान की सोशल मीडिया टीम की गलती करार दिया.

कुछ पोस्ट में शहबाज शरीफ को लेकर मीम्स भी शेयर किए गए. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की पोस्ट पर यह सवाल भी उठाया गया कि अगर तस्वीर SCO के सभी राष्ट्राध्यक्षों की है तो उसमें किसी एक नेता को जानबूझकर हटाने की जरूरत क्यों पड़ी.

मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में आया क्योंकि यह कोई निजी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय संगठन का आधिकारिक शिखर सम्मेलन था.

SCO में मोदी का पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर सख्त संदेश

फोटो विवाद के बीच SCO Summit में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण भी पाकिस्तान के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा.

प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि आतंकवाद के वित्तपोषण, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ और आतंकियों को सुरक्षित पनाह देने वाले पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए SCO देशों को एकजुट होकर काम करना चाहिए.

उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर “दोहरे मापदंड” स्वीकार नहीं किए जा सकते. मोदी ने उन देशों के खिलाफ भी सख्त संदेश दिया जो आतंकवाद को अपनी नीति के एक साधन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और आतंकियों को सुरक्षित पनाह या समर्थन देते हैं.

हालांकि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किसी देश का नाम लेकर सीधा उल्लेख नहीं किया, लेकिन भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी ढांचे को समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है.

SCO ने भी आतंकवाद पर जताई चिंता

SCO Summit में आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खिलाफ सामूहिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया. संगठन की चर्चा में आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मानदंड से बचने की जरूरत पर जोर दिया गया. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसी संदर्भ में आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की बात कही.

इस लिहाज से बिश्केक सम्मेलन में भारत का फोकस सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों पर नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ SCO के सामूहिक रुख को मजबूत करने पर भी रहा.

फोटो विवाद से आगे क्या संदेश?

SCO की तस्वीर को लेकर पैदा हुआ विवाद भले ही सोशल मीडिया की घटना दिखाई देता हो, लेकिन इसके पीछे कूटनीतिक संदेश की लड़ाई भी नजर आती है.

एक तरफ पाकिस्तान PMO की शुरुआती पोस्ट में मोदी और कुछ अन्य नेताओं की अनुपस्थिति ने सवाल खड़े किए. दूसरी तरफ भारत ने उसी कार्यक्रम की पूरी तस्वीर सार्वजनिक कर दी. कुछ घंटों बाद शहबाज शरीफ की ओर से भी पूरी तस्वीर साझा करना इस विवाद को और दिलचस्प बना गया.

यानी जिस तस्वीर को क्रॉप करके राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हुई, वही पूरी तस्वीर बाद में विवाद का जवाब बन गई.

 फोटो से लेकर आतंकवाद तक पाकिस्तान के सामने भारत का संदेश

बिश्केक में SCO Summit के दौरान एक तरफ नेताओं की मुलाकात और ग्रुप फोटो कूटनीतिक चर्चा का हिस्सा बनी, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी के आतंकवाद पर दिए गए सख्त संदेश ने भारत का रुख स्पष्ट कर दिया.

पाकिस्तान PMO की क्रॉप तस्वीर ने सोशल मीडिया पर जरूर हलचल मचाई, लेकिन कुछ घंटों बाद शहबाज शरीफ की ओर से पूरी तस्वीर शेयर किए जाने के बाद विवाद का दूसरा अध्याय शुरू हो गया.एक तस्वीर में मोदी गायब थे, लेकिन SCO के आधिकारिक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ भारत का संदेश पूरी तरह मौजूद था.

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