जॉर्जिया | लास वेगास जाने वाली एक फ्लाइट का दरवाजा बंद होते ही पीआर मैनेजर फिल एलवुड के इनबॉक्स में एक ऐसा ईमेल आया, जिसमें उनके क्लाइंट मुतासिम गद्दाफी—जो कि लीबिया के क्रूर तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी का बेटा था—के अजीबोगरीब फरमानों की एक लंबी सूची थी। इन फरमानों में लॉस एंजिल्स से अपनी गर्लफ्रेंड को चार्टर्ड प्लेन से बुलवाना, सीजर्स पैलेस में प्रसिद्ध पॉप स्टार चेर का लाइव शो देखना और कैसीनो में जाकर भारी मात्रा में जुआ खेलना शामिल था।
एलवुड आने वाले कुछ दिनों तक उस तानाशाह के बेटे के साथ एक बेहद खतरनाक और खौफनाक दलदल में फंसे रहे, जहाँ उन्हें हर पल अपनी जान का खतरा सता रहा था। यह हैरान करने वाला खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद फिल एलवुड ने किया है। दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों, हत्यारों और युद्ध अपराधियों की छवि को दागदार होने से बचाने और उसे चमकाने वाले इस मशहूर पीआर मैनेजर ने एक इंटरव्यू में खुलकर स्वीकार किया है कि उन्होंने वर्षों तक नरसंहार करने वाली सत्ताओं की पैरवी की, जिससे यह दुनिया रहने के लिए और अधिक खतरनाक जगह बन गई। पीआर फर्म 'ब्राउन लॉयड जेम्स' के लिए काम करते हुए एलवुड ने कई ऐसे काले कारनामों और अत्याचारों पर पर्दा डाला, जिनका सच जानकर किसी की भी रूह कांप सकती है।
सीरियाई राष्ट्रपति असद की पत्नी की मीडिया में कराई तारीफें
वर्ष 2011 में बशर अल-असद की सरकार के खिलाफ उठे लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों से ठीक पहले, एलवुड ने अपनी पेशेवर रणनीतियों के तहत सीरिया की फर्स्ट लेडी अस्मा अल-असद का एक बहुत ही आकर्षक और सकारात्मक प्रोफाइल प्रतिष्ठित फैशन मैगजीन 'वोग' (Vogue) में छपवाया था। इस विवादित लेख की हेडलाइन थी— 'ए रोज इन द डेजर्ट' (मरुस्थल का एक गुलाब), जिसके जरिए क्रूर शासन की छवि को छिपाने की कोशिश की गई थी।
लॉकरबी बम धमाके के दोषी की रिहाई पर पर्दा
साल 1988 में स्कॉटलैंड के लॉकरबी के ऊपर एक अमेरिकी यात्री विमान को बम से उड़ा दिए जाने की वीभत्स घटना में 270 बेकसूर लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद, वर्ष 2009 में जब इस भयावह घटना के एकमात्र दोषी अब्दुलबासित अल-मेग्राही को गंभीर बीमारी (कैंसर) के आधार पर जेल से रिहा किया गया, तो पूरे अमेरिका में भयंकर आक्रोश फैल गया था।
उस दौरान गद्दाफी सरकार के लिए काम कर रहे एलवुड ने अमेरिकी सांसदों को यह विश्वास दिलाने में सफलता हासिल की कि आतंकवाद के खिलाफ चल रही वैश्विक जंग में लीबिया का साथ होना बेहद जरूरी है। उन्होंने एक अमेरिकी सांसद के माध्यम से ओबामा प्रशासन तक यह संदेश पहुंचवाया कि लीबिया की आलोचना करना बंद किया जाए, और फिर इस खबर को मीडिया में लीक करवाकर पूरा राजनीतिक नैरेटिव ही बदलकर रख दिया।
कतर को दिलवाई थी फीफा विश्व कप की मेजबानी
वर्ष 2010 में एलवुड ने 'हेल्दी किड्स कोएलिशन' नाम से एक अभियान तैयार किया और एक अमेरिकी सांसद के जरिए संसद में यह मुद्दा उठवाया कि जब तक स्कूली बच्चों के मोटापे की समस्या का समाधान नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका को किसी भी बड़े खेल आयोजन की दावेदारी से हट जाना चाहिए। इस सुनियोजित कदम से अमेरिकी दावेदारी को करारा झटका लगा, जिसका सीधा फायदा उठाते हुए फीफा विश्व कप की मेजबानी कतर की झोली में चली गई।
क्या सचमुच बदल गए हैं फिल एलवुड?
अपने काले अतीत और कृत्यों से घिरे फिल एलवुड ने बताया कि वर्ष 2018 में एफबीआई (FBI) द्वारा उनके ठिकानों पर मारे गए छापों के बाद मानसिक दबाव में आकर उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी। अब एलवुड ने अपने पेशेवर जीवन के लिए तीन बेहद सख्त और नए नियम बना लिए हैं—वे भविष्य में कभी भी किसी तानाशाह के लिए काम नहीं करेंगे, लोकतंत्र के खिलाफ कोई भी अभियान नहीं चलाएंगे और कभी भी कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे।

