गांधी जयंती पर स्वच्छता कर्मियों को प्राथमिकता, उत्तराखंड में 2027 तक खत्म होगा पुराना कचरा

Gandhi Jayanti 2026 देहरादून : गांधी जयंती के अवसर पर उत्तराखंड के शहरी विकास निदेशालय में स्वच्छता, जनकल्याण और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित किया गया. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर स्वच्छता कर्मियों को प्राथमिकता देते हुए उनके साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की गई. इस दौरान राज्य में स्वच्छ भारत मिशन को प्रभावी बनाने, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया.

कार्यक्रम का शुभारंभ शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने स्वच्छता कर्मियों के साथ महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया. इस मौके पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों पर चलने तथा स्वच्छता और जनसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.

Gandhi Jayanti 2026:स्वच्छता कर्मियों के साथ गांधी जयंती की शुरुआत

गांधी जयंती के कार्यक्रम में स्वच्छता कर्मियों को प्राथमिकता देना अंत्योदय की भावना और समाज के हर वर्ग को सम्मान देने के संदेश के रूप में देखा गया. महात्मा गांधी स्वच्छता को स्वस्थ समाज और बेहतर जीवन का महत्वपूर्ण आधार मानते थे. इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में स्वच्छता से जुड़े कार्यों और कर्मियों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया.

शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचारों और आदर्शों को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की गई थी. इस मिशन के तहत स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शहरों में कचरा प्रबंधन और साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है.

31 मार्च 2027 तक पुराने कचरे के निस्तारण का लक्ष्य

कार्यक्रम में उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया. निदेशक विनोद गोस्वामी ने बताया कि राज्य में घर-घर से कूड़ा संग्रहण, कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और वर्षों से जमा लीगेसी वेस्ट के निस्तारण पर ध्यान दिया जा रहा है.

लीगेसी वेस्ट यानी ऐसा पुराना कचरा, जो लंबे समय से डंपिंग स्थलों पर जमा है, शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण और स्वच्छता के लिहाज से एक बड़ी चुनौती हो सकता है. इसके वैज्ञानिक निस्तारण से पुराने कचरे के ढेर कम करने और शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.

निदेशक ने बताया कि उत्तराखंड में शेष लीगेसी वेस्ट का 31 मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निस्तारण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया.

अंत्योदय की भावना से योजनाओं को पूरा करने के निर्देश

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को अंत्योदय की भावना के साथ काम करने के निर्देश दिए गए. निदेशक विनोद गोस्वामी ने कहा कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके.

उन्होंने कहा कि स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़ी योजनाएं आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं. ऐसे में योजनाओं के क्रियान्वयन में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और समयबद्धता जरूरी है.

अंत्योदय की अवधारणा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है. कार्यक्रम में इसी भावना के अनुरूप जनसेवा और सरकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया.

प्रधानमंत्री आवास योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के क्षेत्र में उत्तराखंड राज्य द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया. अपर निदेशक प्रवीण कुमार, निदेशक के सहायक राजीव पाण्डे और जगबीर सिंह को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए.

सम्मानित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के महत्व को रेखांकित किया गया.

प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराने में सहायता देना है. इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जरूरतमंद परिवारों को आवास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है.

गांधी और शास्त्री के आदर्शों पर चलने का संकल्प

गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों और महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का गायन भी किया गया. उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपने कार्यों में अपनाने का संकल्प लिया.

कार्यक्रम में स्वच्छता, जनकल्याण और जनसेवा से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जनहित को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया.

इस अवसर पर अपर निदेशक प्रवीण कुमार, संयुक्त निदेशक अवधेश कुमार, वरिष्ठ वित्त अधिकारी प्रवीन कोर, रवि पाण्डे, सहायक निदेशक विनोद कुमार, शान्ति प्रसाद जोशी और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कालिका प्रसाद भट्ट सहित विभिन्न योजनाओं के विशेषज्ञ, निदेशालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

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