CM धामी ने मॉडल प्राथमिक विद्यालय नगला तराई का किया लोकार्पण, बच्चों के साथ झूला झूलकर बांटी खुशियां

Model Primary School Nagla Tarai खटीमा (2 नवंबर) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा के मॉडल प्राथमिक विद्यालय नगला तराई का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने विद्यालय के पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण कार्यों के साथ राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नगला तराई में 65.07 लाख रुपये की लागत से निर्मित मंच और परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का भी उद्घाटन किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बच्चों के बीच अलग ही अंदाज में नजर आए। उन्होंने स्कूली बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट और उपहार बांटे। इतना ही नहीं, बच्चों के लिए लगाए गए झूलों पर उन्हें स्वयं झूला भी झुलाया। मुख्यमंत्री के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चे और ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आए।

स्मार्ट क्लास और STEM लैब से आधुनिक होगी बच्चों की पढ़ाई

मुख्यमंत्री ने विद्यालय में स्मार्ट क्लास और प्रयोगशाला का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएल और सरकारी विभागों के सहयोग से करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक मॉडल स्कूल तैयार किया गया है। ऐसे विद्यालयों का उद्घाटन करना और बच्चों के बीच समय बिताना उनके लिए गौरव का क्षण है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में विद्यालय में लगभग 70 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यहां पांच आधुनिक कक्ष तैयार किए गए हैं। विशेष रूप से विकसित STEM लैब के माध्यम से बच्चे खेल-खेल में विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित की बारीकियां सीख सकेंगे।

सीमांत गांवों में बागवानी, स्टार्टअप और रोजगार की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सीमांत गांवों को भारत के पहले गांव के रूप में स्थापित करने की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि खटीमा और आसपास के क्षेत्रों में बागवानी, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के स्टार्टअप, रोजगार और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। इन गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

32 पीएम श्री विद्यालयों को 4 करोड़ से अधिक की सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य के 32 पीएम श्री विद्यालयों के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है। इसके अलावा कक्षा 1 से 12 तक के 1.45 लाख छात्र-छात्राओं को नोटबुक उपलब्ध कराने के लिए लगभग 8 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा नहीं आने देना है।

87 स्कूलों में वर्चुअल और 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास

मुख्यमंत्री ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से विद्यार्थियों को जोड़ना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि राज्य के 87 माध्यमिक विद्यालयों में वर्चुअल क्लास और 264 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही 16 माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।

11वीं और 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों के साथ महाविद्यालयों के छात्रों को भी टैबलेट उपलब्ध कराने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

थारू इंटर कॉलेज में बनी डिजिटल लाइब्रेरी, खटीमा में 5 करोड़ से बनेगा बालिका विद्यालय भवन

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी भी दी।

उन्होंने बताया कि पीएम श्री थारू राजकीय इंटर कॉलेज में 3 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण और विद्यालय का सौंदर्यीकरण पूरा कर लिया गया है।

इसके अलावा रुद्रपुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिला पुस्तकालय बनाया जा रहा है। वहीं, खटीमा के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इससे क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

16 हजार विद्यार्थियों को मिल रही निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 152 राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा 8 से 10 तक के 16 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जा रही है।

इसके अलावा कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे के सपनों की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए।

CM धामी ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र, शिक्षकों से भी की अपील

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संघर्षों से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इतिहास रचने वाले लोग अक्सर सामान्य और अभावों से भरी परिस्थितियों से निकलकर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचते हैं।

उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे प्रत्येक बच्चे की रुचि और क्षमता को पहचानकर उसका सही मार्गदर्शन करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समर्पित शिक्षक किसी विद्यार्थी के जीवन की दिशा और दशा बदल सकता है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिला पंचायत सदस्य सूरज धामी, ग्राम प्रधान दीपू मेहरा, दिनेश राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, इंडिया ग्लाइकोल्स के निदेशक आलोक सिंघल, राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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