Karwa Chauth : लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर में करवा चौथ पर महिलाओं ने की पूजा, धूम-धाम से मनाया जा रहा है त्यौहार

1 नवंबर बुधवार को करवा चौथ का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसे कराका चतुर्थी या करवा चौथ के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर आम तौर पर तय करता है कि यह त्योहार कार्तिक महीने में पूर्णिमा के बाद चौथे दिन पड़ता है. विवाहित हिंदू महिलाएं भोर से लेकर चंद्रोदय तक दिन भर का कठिन व्रत रखती हैं और अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना करती हैं. इस अवधि के दौरान वे न तो पानी पीते हैं और न ही कुछ खाते हैं. महिलाएं चंद्रमा से प्रार्थना करती हैं, करवा माता, मां पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा करती हैं. नए पारंपरिक लाल रंग के कपड़े पहनती हैं, सोलह श्रृंगार करती हैं, अपने हाथों पर मेहंदी लगाती हैं.

उत्तर प्रदेश में दिखा करवा चौथ का उत्साह

शाम से ही उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों से महिलाओं के पूजा पाठ और साज सिंगार की तस्वीरें आने लगी. लखनऊ में भी महिलाओं ने करवा चौथ पर पूजा अर्चना की.

वहीं उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी महिलाएं करवा चौथ का त्योहार मनाती नज़र आई.

इसी तरह गोरखपुर में भी करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की.

सरगी खाने से शुरू होता है व्रत

करवा चौथ का व्रत शादी से पहले सरगी नामक भोजन से शुरू होता है, जो विवाहित महिलाएं अपनी सास से प्राप्त करती हैं. इसका सेवन सूर्योदय से पहले किया जाता है, जिसके बाद 12-15 घंटे का उपवास शुरू हो जाता है. एक आदर्श सरगी एक थाली होती है जिसमें दुल्हन के लिए जरूरी चीजें, देवी-देवताओं की मूर्तियां, मिठाइयां और नमकीन होती हैं और इसमें सूखे मेवे, नारियल, सेंवई और फल भी शामिल होने चाहिए.

उत्तर भारतीय त्यौहार है करवा चौथ

वैसे करवा चौथ एक उत्तर भारतीय त्यौहार लेकिन बॉलीवुड की बदौलत अब ये पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है. लेकिन असल में ये उत्तर भारतीय राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में ज्यादा धूम धाम से मनाया जाता है

ये भी पढ़ें-Chhapra boat accident: सरयू में नाव पलटने से हुआ बड़ा हादसा, 3 की मौत 18 से ज्यादा लापता

Latest news

Related news