UTU पेपर लीक के बाद धामी सरकार हुई और सख्त,गड़बड़ी होने पर VC,रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक पर होगी कार्रवाई

UTU Paper Leak Uttarakhand देहरादून :उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) के हालिया पेपर लीक मामले के बाद राज्य की पुष्कर सिंग धामी सरकार ने परीक्षा प्रणाली को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है. उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान की परीक्षा में अनियमितता सामने आने पर कुलपति (VC), कुलसचिव (रजिस्ट्रार) और परीक्षा नियंत्रक को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि UTU पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है. इस घटना के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं.

UTU Paper Leak Uttarakhand:गोपनीयता और पारदर्शिता पर फोकस

सचिवालय में आयोजित उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षाओं की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

विश्वविद्यालयों और कॉलेजो में लगेगी मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा

उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने पर सहमति बनी. इसके साथ ही राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया.

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 10 अगस्त से 15 अगस्त के बीच सभी शिक्षण संस्थानों में तिरंगा यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा.

3000 शिक्षकों के प्रमोशन का प्रस्ताव जल्द

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि करीब 3,000 एलटी शिक्षकों को प्रवक्ता (लेक्चरर) कैडर में पदोन्नति देने के लिए प्रस्ताव उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) को भेजा जा रहा है.

यदि आयोग की प्रक्रिया में देरी होती है तो सरकार तदर्थ (Adhoc) पदोन्नति देने पर भी विचार करेगी, ताकि शिक्षकों को समय पर लाभ मिल सके.

10 साल सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को मिलेगा तबादले का लाभ

शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए कि 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को स्थानांतरण नीति के तहत लाभ दिया जाएगा. इसके अलावा विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी जल्द शुरू करने की बात कही गई.

SCERT में बनेगा बड़ा सभागार

बैठक में मंत्री ने SCERT सभागार की वर्तमान क्षमता को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि विभाग जल्द ही एक आधुनिक और बड़े सभागार का निर्माण कराएगा, ताकि भविष्य में बड़े शैक्षणिक कार्यक्रम आसानी से आयोजित किए जा सकें.

शिक्षक संगठनों से संयम बरतने की अपील

शिक्षा मंत्री ने शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों से कहा कि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक तरीके से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले शिक्षा मंत्री हैं और सभी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से करना चाहते हैं. उन्होंने कहा,

“मुझे गुस्सा बिल्कुल नहीं आता। आप लोग भी जिम्मेदार पदाधिकारी हैं, इसलिए अपनी समस्याओं को उचित मंच पर और संयम के साथ रखें। सरकार हर सकारात्मक सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी।”

सरकार का संदेश साफ- निष्पक्ष परीक्षा से कोई समझौता नहीं

UTU पेपर लीक मामले के बाद सरकार का यह फैसला संकेत देता है कि अब परीक्षा प्रणाली में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी. सरकार का उद्देश्य छात्रों का विश्वास बहाल करना और राज्य में पारदर्शी एवं निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है.

Latest news

Related news