2024 में पहले से भी ज़्यादा सीट जीतने का टारगेट,लोकसभा की 144 कमजोर सीटों पर अमित शाह की खास नजर

0
199

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यालय में  साल 2024 के चुनाव को लेकर  BJP की अहम बैठक अमित शाह और जेपी नड्डा केंद्रीय मंत्रियों क्लस्टर इंचार्ज के साथ हुई. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अश्विनी वार्ष्णेय, भूपेंद्र यादव, अर्जुन मुंडा , गजेंद्र सिंह शेखावत ,जी किशन रेड्डी, एन मुरूगन, प्रहलाद पटेल , प्रहलाद जोशी,  पुरुषोत्तम रुपाला, कृष्ण पाल गुर्जर, किरण रिजिजू ,अन्नपूर्णा देवी,अजय मिश्र टेनी ,महेंद्र पांडे ,पंकज चौधरी, राजीव चंद्रशेखर  , संजीव बालियान, वीके सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते, गिरिराज सिंह, रावसाहेब दानवे पाटील, बीएल वर्मा, कौशल किशोर ,दर्शना जरदोष, अनुराग ठाकुर, सुभाष सरकार मौज़ूद थे.

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में मोदी सरकार के मंत्रियों के बीच लोकसभा क्षेत्रों की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट और जीत के लिए किए जाने वाले उपायों पर चर्चा हुई. लोक सभा की 144 सीटों पर केंद्रीय मंत्रियों को जाकर ठहरने और प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई थी उस रिपोर्ट पर चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को कहा गया कि वो संगठन को और मज़बूत करने के लिए मेहनत करें. इसके साथ ही जो केंद्रीय मंत्री  अपने तय इलाक़ों में नहीं गये हैं उन्हें कहा गया है कि वह पहले संगठन का कार्य देखें और संगठन को मज़बूत करें. पूरे देश में 144 लोक सभा क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात हुई.हारी हुई सीटों के इंचार्ज मंत्रियों के अपने तय इलाकों में नहीं जाने के मुद्दे पर असंतोष जताया गया. बीजेपी के वरिष्ठ नेता नड्डा ने मंत्रियों को इन सीटों पर और अधिक ध्यान देने को कहा.

इस साल मई मे भाजपा ने 144 लोकसभा सीटों को टार्गेट किया था  जहां बीजेपी कमजोर थी या फिर हार का अंतर बहुत कम था. इसलिए यहां जीत सुनिश्चित करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों की पहचान करने की जिम्मेदारी विभिन्न मंत्रियों को सौंपी गई थी. इन लोकसभा सीटों की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई. मंत्रियों ने लगभग सभी निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया है और चुनावी रूप से महत्वपूर्ण विवरण भी इकट्ठा किया है.

2024 के लोकसभा चुनाव में 2 साल से भी कम समय बचा है. पार्टी ने 25 मई को माननीय गृह मंत्री अमित शाह  और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा  द्वारा ‘लोकसभा प्रवास’ अभियान शुरू किया था. इसका उद्देश्य देश भर में 144  लोकसभा सीटो में जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना था. कुछ चुने हुए केंद्रीय मंत्रियो को क्लस्टर प्रभारी और प्रवास मंत्रियों के रूप में नियुक्त किया गया था जो अगले 18 महीनों के लिए लोकसभा सीटों के समूह में इस अभियान की निगरानी करेंगे.