मोगा। राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के विरुद्ध स्थानीय अदालत में चल रहे मानहानि के एक मामले में बुधवार को उनके कानूनी सलाहकारों ने न्यायालय के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गौरतलब है कि स्वाति मालीवाल द्वारा पंजाब के जनप्रतिनिधियों (विधायकों) की तुलना कथित तौर पर 'भेड़-बकरियों' से किए जाने वाले एक विवादित बयान को लेकर यह कानूनी मोर्चा खुला है। इस अपमानजनक टिप्पणी से आहत होकर आम आदमी पार्टी (आप) की महिला विंग की प्रांतीय अध्यक्षा एवं मोगा क्षेत्र की स्थानीय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने मालीवाल के खिलाफ प्रतिष्ठा धूमिल करने का आपराधिक मुकदमा दायर किया था।
अदालत द्वारा जारी नोटिस के बाद तय तिथि पर पहुंचे दोनों पक्षों के वकील
इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान, आगामी 25 मई को जेएमआईसी अशिमा शर्मा की न्यायिक अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वाति मालीवाल को 10 जून के लिए एक प्री-कॉग्निजेंस (संज्ञान-पूर्व) नोटिस जारी करने का वैधानिक आदेश सुनाया था। न्यायालय ने इस समन के जरिए राज्यसभा सदस्य को आज की निर्धारित तारीख पर व्यक्तिगत या विधिक रूप से कोर्ट रूम में हाजिर होने के निर्देश दिए थे। अदालत के इसी आदेश के अनुपालन में आज नियत समय पर शिकायतकर्ता विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा स्वयं उपस्थित हुईं। वहीं, दूसरी ओर से आरोपी स्वाति मालीवाल का पक्ष रखने के लिए उनके अधिकृत अधिवक्ता कुलविंदर शर्मा और एच.एस. ओबरॉय ने न्यायाधीश के सामने पेश होकर अपना वकालतनामा (मेमो) दाखिल किया।
विवादित बयान के खिलाफ कानूनी लड़ाई, 'आप' महिला विंग ने जताया कड़ा ऐतराज
यह पूरा विवाद स्वाति मालीवाल के उस बयान के बाद उपजा था, जिसमें उन्होंने पंजाब के सत्ताधारी दल के विधायकों के आचरण को लेकर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया था। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा का तर्क है कि इस प्रकार की अमर्यादित शब्दावली का प्रयोग कर न केवल विधायकों के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है, बल्कि पंजाब की जनता के जनादेश का भी घोर अनादर किया गया है। इसी को आधार बनाकर महिला विंग ने इसे राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन माना और मामले को कानूनी चौखट तक ले जाने का फैसला किया।
दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने के बाद माननीय न्यायालय ने तय की अगली तारीख
न्यायालय ने आज की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए प्रारंभिक दस्तावेजों, वकालतनामे और हाजिरी माफी से जुड़ी दलीलों को अपनी केस डायरी में रिकॉर्ड पर ले लिया है। दोनों पक्षों की कानूनी दलीलों को संक्षिप्त रूप से सुनने और कागजी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, माननीय अदालत ने इस संवेदनशील मानहानि वाद की अगली न्यायिक सुनवाई के लिए आगामी 10 जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि अगली सुनवाई पर स्वाति मालीवाल खुद कोर्ट में पेश होती हैं या उनके वकीलों के माध्यम से ही पक्ष रखा जाता है।

