चंडीगढ़। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में एक वृहद बस यात्रा निकालने का फैसला लिया है। इस चुनावी अभियान को हरी झंडी दिखाने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी विशेष रूप से पंजाब का दौरा करेंगे। इस यात्रा की सबसे खास बात यह होगी कि सूबे के सभी दिग्गज और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एक ही बस पर सवार होकर जनता के बीच जाएंगे। कांग्रेस ने राज्य में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने के लिए चुनावी तैयारियां पूरी तरह तेज कर दी हैं, जिसके तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर चरणबद्ध तरीके से इस मेगा बस यात्रा का संचालन किया जाएगा।
नेताओं की गुटबाजी खत्म करने और एकजुटता का संदेश देने पर जोर
पार्टी आलाकमान पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के आपसी मनभेद और मतभेदों को लेकर बेहद गंभीर है। यही वजह है कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे दोनों ही प्रदेश इकाई को स्पष्ट रूप से गुटबाजी खत्म कर एकजुट रहने की कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में पंजाब की सत्ता पर काबिज होना है, तो सभी को मिलकर चुनावी मैदान में उतरना होगा। इसी रणनीति के तहत हाईकमान ने इस बस यात्रा में सूबे के सभी बड़े नेताओं की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है, ताकि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस की एकजुटता का एक मजबूत संदेश जा सके।
नए आकर्षक चुनावी नारे के साथ तैयार हो रही है प्रचार बस
इस चुनावी अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए एक विशेष प्रचार बस को आधुनिक रूप से तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही पार्टी इस बार पंजाब और वहां की संस्कृति से जुड़े एक नए, आकर्षक चुनावी नारे को गढ़ने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। नए नारे और नए संकल्प के साथ कांग्रेस इस बार वोटरों के बीच पैठ बनाने की कोशिश करेगी। इस यात्रा को शुरू करने के लिए तीन ऐतिहासिक और धार्मिक शहरों- श्री आनंदपुर साहिब, श्री अमृतसर साहिब और तलवंडी साबो के नामों पर मंथन चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी का इस बार मुख्य ध्यान मालवा क्षेत्र पर केंद्रित है, जिसके चलते यात्रा की शुरुआत के लिए तलवंडी साबो के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
जुलाई के पहले सप्ताह से शंखनाद और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का लक्ष्य
पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकारों के अनुसार, इस व्यापक बस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सभी विधानसभा क्षेत्रों के जमीनी कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकना और आगामी चुनावी जंग के लिए उन्हें पूरी तरह से सक्रिय करना है। यह पूरी यात्रा अलग-अलग चरणों में आयोजित होगी और अंतिम विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल महारैली के आयोजन के साथ इस सफर का समापन किया जाएगा। इस समय इस मेगा प्लान की अंतिम रूपरेखा और रूट मैप को अंतिम रूप दिया जा रहा है, और पूरी संभावना है कि जुलाई के प्रथम सप्ताह से इस बड़े चुनावी अभियान का शंखनाद कर दिया जाएगा।

