चार राज्यों में दहशत का चेहरा था मिसिर बेसरा, गिरफ्तारी से नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका

रांची। झारखंड में लाल आतंक के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ रुपये का इनामी और कुख्यात माओवादी कमांडर मिसिर बेसरा गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे मंगलवार शाम झारखंड के धनबाद-गिरिडीह सीमावर्ती क्षेत्र से पकड़ा गया। बेसरा के साथ उसके दो सक्रिय सहयोगियों और दो स्थानीय ग्रामीणों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

चार राज्यों में फैला था नेटवर्क

गिरिडीह के हरलाडीह का रहने वाला मिसिर बेसरा माओवादी संगठन की सेंट्रल कमेटी और पोलित ब्यूरो का प्रमुख सदस्य था। उसका प्रभाव झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था। सारंडा, कोल्हान और पारसनाथ के जंगलों को अपना ठिकाना बनाने वाला बेसरा पुलिस पर हमले, आईईडी ब्लास्ट और लेवी वसूली जैसी दर्जनों संगीन वारदातों का मुख्य साजिशकर्ता था।

एक ही दिन में संगठन को दो बड़े झटके

हाल के दिनों में कई करीबियों के पकड़े जाने और सरेंडर करने से मिसिर बेसरा का नेटवर्क काफी कमजोर हो गया था, जिसका फायदा उठाकर सुरक्षा बलों ने उसे दबोच लिया। बेसरा की गिरफ्तारी वाले दिन ही झारखंड में 16 अन्य नक्सलियों ने भी आत्मसमर्पण किया, जिनमें 15 लाख का इनामी संतोष महतो शामिल है।

पूछताछ से बड़े खुलासों की उम्मीद

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, मिसिर बेसरा का पकड़ा जाना माओवादियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व, हथियारों की सप्लाई लाइन, पैसों के लेन-देन और सुरक्षित ठिकानों के बारे में बेसरा से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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