नई दिल्ली। दिल्ली की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 26 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान करीब 2,500 पात्र महिलाओं को आधिकारिक स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इस दौरान 65 महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर व्यक्तिगत रूप से पत्र सौंपे गए, जबकि शेष लाभार्थियों को 1 सितंबर से पूर्व यह पत्र वितरित कर दिए जाएंगे।
1 सितंबर से खातों में भेजी जाएगी 2,500 रुपये की पहली किश्त
योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 1 अगस्त से लागू की गई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। तालकटोरा स्टेडियम में दिए गए शुरुआती 2,500 स्वीकृति पत्रों के बाद, लाभार्थियों के बैंक खाते और सीबीडीसी (CBDC) डिजिटल वॉलेट खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 1 सितंबर से योजना की राशि सीधे महिलाओं के खातों में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया जाएगा।
9.20 लाख से अधिक पंजीकरण, महिलाओं में भारी उत्साह
विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को अमलीजामा पहनाते हुए सरकार ने पंजीकरण आंकड़ों का भी ब्योरा साझा किया। योजना के तहत अब तक 9,20,590 महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है, जिनमें से 6,63,215 आवेदनों को अंतिम रूप से जमा किया जा चुका है।
चरणबद्ध तरीके से सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचेगा लाभ
सरकार के अनुसार, पहले चरण में स्वीकृत आवेदनों के आधार पर लाभार्थी पत्र बांटे गए हैं। आने वाले दिनों में सत्यापन और पात्रता की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अन्य सभी आवेदकों को भी योजना के दायरे में लाया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और वित्तीय आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए इस योजना को पारदर्शी और सुगम तरीके से पूरे शहर में लागू किया जा रहा है।

