नोएडा: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा में कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (KAPL) के प्रबंध निदेशक (MD) अनुराग दनायक को ₹15 लाख की रिश्वत मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। बेंगलुरु स्थित इस केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (CPSE) के मुखिया ने भोपाल की एक सर्विस प्रोवाइडर फर्म से मोटी घूस मांगी थी। इस डील के हिस्से के तौर पर जब एमडी को ₹5 लाख की पहली किस्त दी जा रही थी, तभी सीबीआई के जाल में वे फंस गए।
भोपाल की फर्म से सर्विस कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने के बदले मांगी थी ₹15 लाख की घूस
जांच एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी प्रबंध निदेशक ने भोपाल की एक पार्टनर फर्म से करीब ₹15 लाख के अनुचित लाभ (रिश्वत) की डिमांड की थी। यह पीड़ित फर्म केएपीएल (KAPL) की अधिकृत सर्विस एजेंट है और मध्य प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों की आपूर्ति का जिम्मा संभालती है। अनुराग दनायक ने यह रिश्वत तीन मुख्य कामों को पूरा करने के एवज में मांगी थी:
एग्रीमेंट की मंजूरी: फर्म के सर्विस एजेंट एग्रीमेंट (Service Agent Agreement) को मंजूरी देना।
अतिरिक्त काम सौंपना: चालू वित्त वर्ष में लंबित पड़े रिन्यूअल के आवेदनों को पास कर फर्म को अतिरिक्त सरकारी संस्थान आवंटित करना।
कमीशन में से कट: चालू वर्ष में दवाओं की कुल बिक्री से फर्म को मिलने वाले वैध लाभांश (कमीशन) में से अपना अवैध हिस्सा (कट) वसूलना।
नोएडा में रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद 3 शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी
जाल बिछाकर दबोचा: सीबीआई की टीम ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और नोएडा में जैसे ही एमडी को ₹5 लाख की घूस लेते हुए पकड़ा गया, उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
जबरदस्त रिकवरी: गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई ने आरोपी के बेंगलुरु, नोएडा और जबलपुर स्थित आवासों व कार्यालय परिसरों पर एक साथ छापे मारे।
छापेमारी में कुबेर का खजाना बरामद: ₹75 लाख कैश, विदेशी मुद्रा और भारी मात्रा में सोना जब्त
आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर की गई सघन तलाशी के दौरान सीबीआई को अकूत बेहिसाबी संपत्ति मिली है, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। छापेमारी में जब्त की गई संपत्ति का ब्यौरा इस प्रकार है:
नकद और विदेशी मुद्रा: नोएडा स्थित आवास और बेंगलुरु के मुख्य केबिन (ऑफिस चैंबर) की तलाशी में लगभग ₹75 लाख की भारतीय करेंसी (कैश) और ₹4 लाख मूल्य की विदेशी मुद्रा बरामद हुई।
सोना और संपत्ति के दस्तावेज: ठिकानों से ₹86 लाख मूल्य के करीब 697 ग्राम सोने के गहने और बेशकीमती सिक्के जब्त किए गए हैं। इसके अलावा आरोपी एमडी के विभिन्न रिहायशी फ्लैटों और जमीनों के मालिकाना हक से जुड़े प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी सीज किए गए हैं। सीबीआई अब इस अवैध संपत्ति के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।

