लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार से नौ दिवसीय 'गोमती पुस्तक महोत्सव' का भव्य आगाज हो गया। इस साहित्यिक आयोजन का औपचारिक उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मंच पर उपस्थित रहीं।
पुस्तकों के महत्व और स्क्रीन टाइम पर मंथन
समारोह को संबोधित करते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विद्यार्थियों के जीवन में किताबों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें बच्चों के भीतर ज्ञान, विचार, संस्कार, जिज्ञासा और कल्पनाशक्ति को दिशा देती हैं। डिजिटल युग में बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि स्क्रीन केवल दुनिया का दृश्य दिखाती है, जबकि किताबें दुनिया को गहराई से समझने की दृष्टि और सामर्थ्य प्रदान करती हैं।
परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, छात्र हिरासत में
मुख्यमंत्री के आगमन को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी प्रकार के विरोध-प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस प्रशासन ने कड़े कदम उठाए। इसके तहत समाजवादी छात्र सभा (सछास) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ऐहतियातन हिरासत में ले लिया गया। बताया गया कि पुलिस ने कार्यक्रम से पूर्व देर रात ही हॉस्टल में दबिश देकर कई छात्रों को थाने पहुंचा दिया था।
121 प्रकाशक और 250 से अधिक बुक स्टॉल
यह नौ दिवसीय ज्ञानोत्सव 20 सितंबर तक संचालित रहेगा, जिसमें आम पाठकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। पुस्तक मेले में देश भर के 121 प्रकाशकों द्वारा लगभग 250 स्टॉल स्थापित किए गए हैं। पाठकों के लिए हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू और अवधी सहित अनेक भारतीय भाषाओं की हजारों दुर्लभ और लोकप्रिय पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।

