Cyril Ramaphosa-Gautam Adani meeting नई दिल्ली : भारत में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी से मुलाकात की. दोनों की यह मुलाकात 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS Summit से इतर हुई. दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने भी इस बैठक की तस्वीरें और जानकारी साझा की है.
#WATCH | South African President Cyril Ramaphosa met Chairman of the Adani Group, Gautam Adani, in Delhi.
The Presidency of the Republic of South Africa tweets, “The meeting forms part of South Africa’s business engagements on the margins of the 18th BRICS Summit, supporting… pic.twitter.com/DUv4Y2RY94
— ANI (@ANI) September 12, 2026
रामाफोसा की गौतम अडानी के साथ यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत BRICS की मेजबानी कर रहा है और समूह के सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के एजेंडे में भी व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना प्रमुख मुद्दों में शामिल है.
Cyril Ramaphosa-Gautam Adani meeting : BRICS Summit के बीच हुई अहम मुलाकात
दक्षिण अफ्रीकी सरकार के मुताबिक, राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने नई दिल्ली में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के साथ बैठक की. यह बैठक BRICS Summit से जुड़े दक्षिण अफ्रीका के कारोबारी संवाद का हिस्सा थी.
दक्षिण अफ्रीका BRICS के संस्थापक सदस्यों में शामिल है और इस समय समूह के विस्तार के साथ BRICS के भीतर व्यापार और निवेश सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. भारत में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला, तकनीक और विकास जैसे मुद्दे प्रमुख हैं.
भारत-दक्षिण अफ्रीका व्यापारिक रिश्तों पर फोकस
रामाफोसा की अडानी से मुलाकात को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को आगे बढ़ाने की व्यापक कोशिश से जोड़कर देखा जा रहा है. दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने BRICS के दौरान अंतर-BRICS व्यापार और निवेश बढ़ाने, औद्योगिकीकरण को गति देने और अफ्रीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जुटाने को अपनी प्राथमिकताओं में रखा है.
दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं. वहीं अडानी समूह भारत में बंदरगाह, एयरपोर्ट, ऊर्जा और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में बड़े स्तर पर कारोबार करता है. ऐसे में दोनों पक्षों के बीच कारोबारी संभावनाओं को लेकर बातचीत की अहमियत बढ़ जाती है.
अफ्रीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश पर नजर
दक्षिण अफ्रीका BRICS के मंच का इस्तेमाल अफ्रीका में निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए करना चाहता है. दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने कहा है कि वह अफ्रीकी महाद्वीप में इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जुटाने और African Continental Free Trade Area (AfCFTA) के अनुरूप औद्योगिकीकरण तथा वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने पर काम कर रही है.
ऐसे में अडानी समूह के साथ रामाफोसा की बातचीत को भारत की बड़ी कंपनियों और अफ्रीकी बाजारों के बीच संभावित कारोबारी सहयोग के संदर्भ में भी देखा जा सकता है.
अडानी समूह की वैश्विक विस्तार की रणनीति
गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी समूह भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अडानी एयरपोर्ट्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार के अवसर तलाश रहा है और समूह की एयरपोर्ट इकाई ने विस्तार के लिए करीब 1 अरब डॉलर की इक्विटी जुटाने की घोषणा की है.
ऐसे समय में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के साथ अडानी की मुलाकात अंतरराष्ट्रीय निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
BRICS का बढ़ता आर्थिक महत्व
2026 का BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है, जब संगठन का विस्तार हो चुका है और इसका आर्थिक एवं राजनीतिक दायरा पहले की तुलना में बड़ा है. भारत में 12-13 सितंबर को आयोजित हो रहे शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा समेत कई प्रमुख नेता शामिल हो रहे हैं.
BRICS के मंच पर इस बार व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, वैश्विक वित्तीय व्यवस्था और विकास के साथ-साथ वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियां भी चर्चा के केंद्र में हैं.
भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है अफ्रीकी बाजार
भारत और अफ्रीकी देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने पर लगातार जोर दिया गया है. दक्षिण अफ्रीका इस रिश्ते में एक महत्वपूर्ण साझेदार है. ऐसे में राष्ट्रपति रामाफोसा की भारत यात्रा और भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख कारोबारी नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश का हिस्सा हैं.
गौतम अडानी के साथ हुई बैठक ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि अडानी समूह का कारोबार इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स जैसे उन क्षेत्रों में है, जिनमें अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं में बड़े निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं.
फिलहाल बैठक में किसी खास निवेश समझौते या नई परियोजना की घोषणा की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. हालांकि, BRICS Summit के दौरान रामाफोसा और अडानी की मुलाकात ने भारत-दक्षिण अफ्रीका कारोबारी सहयोग और अफ्रीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में संभावित भारतीय निवेश को लेकर चर्चा जरूर तेज कर दी है.

