नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार सुबह तिरंगा लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के कुछ कार्यकर्ता प्रदर्शन करने पहुँचे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है। संगठन के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य समेत सीजेपी के कई अन्य सदस्यों को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए एक्स पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की तीखी आलोचना की है और कहा है कि सरकार प्रतिरोध की आवाज को दबा नहीं सकती।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जोरदार मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का मुख्य आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। इसी सिलसिले में संगठन के नेता लगातार मुखर होकर प्रदर्शन कर रहे हैं और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया की मांग उठा रहे हैं।
विमान से लेकर जंतर-मंतर तक पुलिस कार्रवाई
इससे पहले 10 अक्टूबर को सीजेपी के संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया था। इसके अगले दिन यानी 11 अक्टूबर को तीनों नेताओं को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहाँ से उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे आचरण की शर्त पर 50 हजार रुपये के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने पर विवाद
रिहाई के बाद सीजेपी ने अपने आंदोलन को जारी रखने का स्पष्ट ऐलान किया था। पार्टी नेताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए 24 घंटे के भीतर समय और तारीख तय करने की माँग की थी। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर रोड को अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाते हुए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान जैसे वैकल्पिक स्थान सुझाए हैं, जिस पर सीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है और जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने पर अड़ी हुई है।

