भक्त ध्यान दें… दीपावली के दिन नहीं होंगे खाटू श्याम के दर्शन, जानें कब से कब तक बंद रहेंगे कपाट और फिर कब खुलेंगे द्वार!

खाटू श्याम भक्तों के लिए जरूरी खबर सामने आई है. दीपावली के पावन पर्व पर इस बार बाबा श्याम के दर्शन नहीं हो सकेंगे. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और विशेष व्यवस्थाओं के चलते मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए बंद रहेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय अवधि के बाद ही भक्तों के लिए द्वार दोबारा खोले जाएंगे, ताकि सभी लोग सुगमता से बाबा के दर्शन कर सकें.

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर देश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है. यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं. खाटू श्याम बाबा को कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण का अवतार माना जाता है. भक्त उन्हें प्रेम से 'हारे का सहारा' और 'शीश के दानी' कहते हैं. श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से खाटूश्यामजी का धाम 8 नवंबर यानी दिवाली के दिन बंद रहने की जानकारी साझा की गई है. खाटूश्याम मंदिर के कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान की ओर से अपील की गई है कि दीपावली पर्व पर बाबा श्याम के पट बंद रहेंगे. दीपावली के अवसर पर होने वाली विशेष सेवा-पूजा और साफ-सफाई के कारण मंदिर के कपाट कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन के लिए बंद रखे जाते हैं. साफ-सफाई या पूजा के चलते तय समयावधि के लिए पट बंद किए जाते हैं और विशेष पूजा के बाद फिर खोले जाते हैं. आइए जानते हैं 8 नवंबर के बाद कब खुलेंगे मंदिर के कपाट…

8 नवंबर को लेकर भक्तों के लिए सूचना – कोषाध्यक्ष की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सभी श्याम भक्तों को सूचित किया जाता है कि दीपावली के दिन यानी 8 नवंबर दिन रविवार को श्र श्याम प्रभु की विशेष सेवा-पूजा होने के कारण, श्री श्याम प्रभु के दर्शन दिनांक 7 नवंबर को रात 10 बजे से दिनांक 8 नवंबर को शाम 5 बजे तक आम दर्शनार्थियों के लिए बंद रहने वाले हैं. इसलिए इस अवधि के बाद ही मंदिर में दर्शन के लिए पधारें. कृपया व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान करें.

दीपावली पर खाटू श्याम की विशेष सेवा-पूजा – दीपावली के पावन पर्व पर भगवान खाटू श्याम की विशेष सेवा-पूजा और भव्य श्रृंगार किया जाता है. मंदिर कमेटी के अनुसार, दीपावली की पूजा और मंदिर की विशेष साफ-सफाई व सजावट की जाती है. दीपावली के पांच दिवसीय पर्व पर पूरे मंदिर परिसर को भव्य रोशनी, फूलों और दीयों से आकर्षक रूप से सजाया जाता है. वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बाबा श्याम का विशेष शृंगार किया जाता है और विधि-विधान से आरती संपन्न होती है.

कौन हैं खाटू श्याम बाबा? – पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, खाटू श्याम बाबा महाभारत के महान योद्धा बर्बरीक हैं. वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे. बर्बरीक को भगवान शिव से तीन अमोघ बाण प्राप्त हुए थे. इन तीन बाणों के कारण उन्हें तीन बाणधारी भी कहा जाता है. महाभारत युद्ध शुरू होने से पहले बर्बरीक ने संकल्प लिया था कि वे युद्ध में हमेशा हारने वाले पक्ष का साथ देंगे. भगवान श्रीकृष्ण जानते थे कि अगर बर्बरीक ऐसा करेंगे तो युद्ध का परिणाम लगातार बदलता रहेगा और अंत में केवल बर्बरीक ही बचेंगे. इसलिए भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी परीक्षा ली और उनसे शीश दान मांगा. बर्बरीक ने बिना संकोच अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को दान कर दिया. उनकी भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे. इसी मान्यता के कारण बर्बरीक को खाटू श्याम बाबा के नाम से जाना जाता है.

खाटू श्याम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु – बता दें कि खाटू श्याम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी होती है. फरवरी में फाल्गुन मास में 10 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध सीकर स्थित बाबा श्याम के मेले में दर्शन करने के लिए भक्तों की भारी भीड़ पहुंची थी. रींगस से खाटूश्याम मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग पर भक्तों का अद्भुत मेला देखने को मिला था, जो 'जय श्री श्याम' के नारे से गूंज उठा था.

गोवर्धन पूजा के दिन खाटू श्याम मंदिर – गोवर्धन पूजा के दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा और अन्नकूट भोग का विशेष महत्व होता है. इस बार 10 नवंबर दिन मंगलवार को गोवर्धन का पर्व मनाया जाएगा, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजन का पर्व मनाया जाता है. खाटू श्याम मंदिर में इस अवसर पर श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने पहुंचते हैं. मंदिर में नियमित रूप से मंगला आरती, श्रृंगार आरती, भोग आरती, संध्या आरती और शयन आरती होती हैं.

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